फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

40 देश, सैकड़ों डॉल्स, देखिए कैसी है 'गुड़िया की अनोखी दुनिया'

Fri, 07 Jul 2017 02:23 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर Updated Fri, 07 Jul 2017 02:23 PM IST
विज्ञापन
Doll museum in Jaipur
कई तरह के अनोखी डॉल्स हैं म्यूजियम में - फोटो : अमर उजाला
अनोखा डॉल म्यूजियम राजस्थान की राजधानी जयपुर में स्थित है। यहां रखी हर गुड़ियां अपने देश— प्रदेश की खासियत बताती हैं। कोई अपने पहनावे से तो कोई बनावट से, किसी के कपड़ों की कारीगरी तो किसी काम करने का अंदाज बताता है कि उसके देश में क्या अनोखा है कार्टून केरेक्टर्स लेकर देशी विदेशी डॉल्स, सब अनोखे अंदाज में रखी गई हैं।

 

1974 में हुई थी शुरुआत

Doll museum in Jaipur
डॉल म्यूजियम - फोटो : अमर उजाला
जवाहरलाल नेहरू मार्ग, तीन मूर्ति सर्किल पर सेठ आनंदी लाल पोद्दार मूक बधिर स्कूल परिसर में बने डॉल म्यूजियम को फिर से तैयार किया गया है। साल 1974 में भगवानी बाई सेकसरिया परिवार ने म्यूजियम की स्थापना की। इसी पुराने म्यूजिमय को रिनोवेट करके दो भागों में बांटा गया है और नई डॉल्स को जोड़ा गया है। नए हिस्से का नाम सविता रणजीतसिंह भंडारी के नाम पर  रखा है।

 

कार्टून कैरेक्टर वाली डॉल्स भी

Doll museum in Jaipur
डॉल म्यूजियम - फोटो : अमर उजाला
डॉल म्यूजियम में मौजूद 600 डॉल्स में भारतीय संस्कृति को बताने वाली गुड़िया के साथ ही कार्टून कैरेक्टर वाली डॉल्स भी शामिल हैं। इनमें कार्टून केरेक्टर स्पाइडरमैन, डार्थ मॉल, बैटमैन, हल्क, हान, सोलो जैसी डॉल्स भी हैं। ऐसे में यह डॉल्स बच्चों को बहुत भाएंगी।

 
विज्ञापन
विज्ञापन

चालीस देशों की गुड़िया हैं मौजूद

Doll museum in Jaipur
डॉल म्यूजियम - फोटो : अमर उजाला
नए संग्रहालय में सेंट्रल कूलिंग सिस्टम, लाइटिंग एवं लकड़ी की आलमारियां हैं। इसमें जापान की प्रसिद्ध डॉल हिना मास्तुराई डॉल भी हैं। इसके अलावा अरब, स्वीडन, स्वीट्जरलैंड, अफगानिस्तान, ईरान आदि देशों की गुड़ियां गैलेरी में रखी गई हैं। करीब चालीस देशों की गुड़िया यहां मौजूद हैं।

 
विज्ञापन

मीरा की भक्ति भी आएगी नजर

Doll museum in Jaipur
डॉल म्यूजियम - फोटो : अमर उजाला
जहां तक बात भारत की है, भारत के कई प्रदेशों की डॉल्स यहां मौजूद हैं। हरियाणवी युगल, मराठी युगल, स्कूल में पढ़ते हुए बच्चे, विभिन्न सांस्कृतिक त्यौहारों के चित्रण तो है ही, मीरा बाई और कृष्ण के बीच के अनोखे संबंध को भी चित्रित किया गया है।

 
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed