दिल्ली-मुंबई के बीच अब वाहन बिना रोक-टोक के साथ खुलकर दौड़ पाएंगे, क्योंकि अब राहें ज्यादा खुली-खुली होंगी। दोनों बड़े शहरों के बीच एक सिक्स लेन हाईवे को 8 लेन में तब्दील किया जाएगा। जानकारी के अनुसार केंद्र सरकार ने जयपुर से किशनगढ़ 6 लेन हाईवे को 8 लेन का करने की मंजूरी प्रदान कर दी है जिसके बाद बहुत जल्द ही इसका काम शुरू कर दिया जाएगा।
हर साल सात फीसदी बढ़ा ट्रेफिक
जयपुर से किशनगढ़ लगभग 93 किलोमीटर लंबा है जिसके दोनों और एक-एक लेन बढ़ा दी जाएगी। साल 2005 में ही जयपुर-किशनगढ़ हाईवे 6 लेन में तब्दील किया जा चुका है, जिसके बाद से यहां करीब हर साल सात फीसदी से अधिक ट्रैफिक बढ़ा है। 8 लेन का हाईवे बनने के बाद वाहन चालकों का काफी समय बचेगा और अजमेर जयपुर के बीच तो दूरी बहुत ही कम रह जाएगी।
औसतन 30 हजार वाहन निकलते हैं यहां से रोज
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jaipur kishangarh expressway
जयपुर-किशनगढ़ हाईवे से औसतन करीब 30 हजार वाहन रोज निकलते हैं जो दक्षिण भारत, उत्तर भारत और मध्य भारत के राज्यों जैसे दिल्ली, गुजरात, महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश की ओर जाते हैं। खासतौर पर दिल्ली मुंबई की ओर जाने वाले वाहनों को इसका ज्यादा लाभ मिलेगा क्योंकि दोनों शहरों के बीच की कड़ी में जयपुर-किशनगढ़ हाईवे अहम भुमिका निभाता है।
भू अधिग्रहण की भी परेशानी नहीं
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सबसे अच्छी बात ये है कि पहले से ही 6 लेन इस हाईवे पर दो अतिरिक्त लेन बढ़ाने के लिए एनएचएआई को भूमि अधिग्रहण करने के लिए ज्यादा परेशानी नहीं आएगी क्योंकि प्राधिकरण के पास पहले से ही 80 प्रतिशत भूमि मौजूद है और बाकि के लिए कोई परेशानी नहीं आएगी।
8 करोड़ रुपए प्रति किलोमीटर की आएगी निर्माण लागत
93 किलोमीटर लंबे इस प्रोजेक्ट में निर्माण लागत करीब 8 करोड़ रुपए प्रति किलोमीटर के हिसाब से आएगी। इस हाइवे पर टोल के रूप में प्रतिदिन करीब 95 लाख रुपए वसूले जाते हैं।