जवाहरबाग से बृहस्पतिवार को अवैध कब्जाधारियों को हटाने पहुंची पुलिस पर अंधाधुंध फायरिंग और बमबारी में एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी और एसओ फरह संतोष यादव की मौत हो गई। यूपी के डीजीपी जाविद अहमद ने बताया कि कुल 24 लोगों की मौत हुई है। इनमें आठ शव रात करीब डेढ़ बजे चलाए गए सर्च आपरेशन के दौरान मिले हैं। इन शवों में तीन महिलाओं के शव भी हैं, जिनकी जलने से मौत हुई है।
करीब 300 एकड़ में फैले जवाहरबाग के भीतर कई और शव पड़े होने की आशंका है, सर्च अभियान रात दो बजे तक जारी था, कुछ और शव बरामद सकते हैं। करीब 20 पुलिसकर्मी गोलीबारी और पथराव में घायल हुए हैं तो 30 कब्जाधारियों के भी घायल होने की सूचना है। इनमें तीन की हालत गंभीर है। सत्याग्रह के नाम पर जवाहर बाग पर यह लोग ढाई साल से कब्जा जमाए हुए थे। पुलिस ने दो सौ से ज्यादा कब्जाधारियों को गिरफ्तार भी किया है।
वहीं, मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने घटना पर गहरा दुख जताते हुए मारे गए एसओ संतोष कुमार के आश्रितों को 20 लाख रुपये देने की घोषणा की है। देर रात तक बाग में कई जगह आग लगी हुई थी। मार्च, 2014 से जवाहर बाग पर इन अवैध कब्जाधारियों ने कब्जा जमा रखा था। इन्हें हटाने के प्रयास तभी से हो रहे हैं लेकिन लगातार बढ़ रही भीड़ के आगे सारे प्रयास विफल रहे।
इन लोगों ने कई दफा पुलिस और प्रशासनिक अफसरों पर हमला भी बोला। बृहस्पतिवार शाम पुलिस ने जवाहर बाग को खाली कराने के लिए आपरेशन शुरू किया। इस दौरान कब्जाधारियों की भीड़ में शामिल युवकों ने पेड़ों पर चढ़कर पुलिस पर बम फेंकने शुरू कर दिए और गोलियां चलाईं। एक गोली थानाध्यक्ष फरह संतोष कुमार के सीने में लगी। संतोष पर बम भी फेंके गए। आनन-फानन में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई। वहीं, सिर में गोली लगने से एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी की भी अस्पताल में मौत हो गई।
इन लोगों ने कई दफा पुलिस और प्रशासनिक अफसरों पर हमला भी बोला। बृहस्पतिवार शाम पुलिस ने जवाहर बाग को खाली कराने के लिए आपरेशन शुरू किया। इस दौरान कब्जाधारियों की भीड़ में शामिल युवकों ने पेड़ों पर चढ़कर पुलिस पर बम फेंकने शुरू कर दिए और गोलियां चलाईं। एक गोली थानाध्यक्ष फरह संतोष कुमार के सीने में लगी। संतोष पर बम भी फेंके गए। आनन-फानन में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई। वहीं, सिर में गोली लगने से एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी की भी अस्पताल में मौत हो गई।