तेलंगाना: थाने के अंदर केटीआर के करीबियों पर हमले का आरोप, बीआरएस ने कांग्रेस पर साधा निशाना; जांच की मांग तेज
तेलंगाना में बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामा राव के पीआरओ महेश और पीए महेंद्र रेड्डी पर सैफाबाद पुलिस थाने के अंदर हमला किए जाने का आरोप लगा है। केटीआर ने दावा किया कि करीब 15 लोगों ने थाने में घुसकर दोनों पर हमला किया। बीआरएस ने इसे गंभीर घटना बताते हुए न्यायिक जांच, सुरक्षा और सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने की मांग की है। क्या थाने के अंदर राजनीतिक हमला हुआ? आइए, सबकुछ विस्तार से जानते हैं...
विस्तार
तेलंगाना की राजनीति में एक कथित हमले को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामा राव ने आरोप लगाया है कि उनके पीआरओ महेश और पीए महेंद्र रेड्डी पर सैफाबाद पुलिस थाने के अंदर करीब 15 लोगों ने घुसकर सामूहिक हमला किया। केटीआर ने इस घटना को बेहद गंभीर बताते हुए तत्काल जांच की मांग की है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या हमले के पीछे कांग्रेस से जुड़े लोग थे या पुलिसकर्मियों के भेष में सादे कपड़ों में लोगों को भेजकर यह हमला कराया गया। बीआरएस नेता पुट्टा विष्णुवर्धन रेड्डी ने भी घटना को लेकर रेवंत रेड्डी सरकार पर निशाना साधा है।
केटीआर ने थाने के अंदर हमले को लेकर क्या आरोप लगाया?
केटी रामा राव ने कहा कि करीब 15 लोग कथित तौर पर अवैध तरीके से परिसर में घुसे और उनके पीआरओ महेश तथा पीए महेंद्र रेड्डी पर हमला किया। उन्होंने इस घटना को बेहद गंभीर और निंदनीय बताया। केटीआर ने आरोप लगाया कि तेलंगाना में रेवंत रेड्डी के शासन में उपद्रवियों और गुंडों का राज चल रहा है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या हमले के पीछे कांग्रेस से जुड़े लोग थे। साथ ही उन्होंने इस संभावना पर भी सवाल उठाया कि क्या पुलिसकर्मियों के भेष में सादे कपड़ों में लोगों को भेजकर साजिश के तहत हमला कराया गया।
बीआरएस ने किस तरह की जांच और कार्रवाई की मांग की?
केटीआर ने घटना की तत्काल जांच किसी मौजूदा न्यायाधीश से कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि हमले में घायल महेश और महेंद्र रेड्डी को तुरंत सुरक्षा दी जानी चाहिए और उन्हें बेहतर से बेहतर चिकित्सा सुविधा मिलनी चाहिए। केटीआर ने पुलिस थाने के अंदर और बाहर लगे सभी सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग तत्काल सुरक्षित रखने की मांग भी की। उनका कहना है कि हमले में शामिल हर व्यक्ति की पहचान कर उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो बीआरएस इस मामले पर चुप नहीं बैठेगी।
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बीआरएस नेता ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर क्या सवाल उठाए?
सैफाबाद पुलिस थाने में कथित हमले को लेकर बीआरएस नेता पुट्टा विष्णुवर्धन रेड्डी ने भी कांग्रेस पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इस घटना ने पूरे तेलंगाना को हिला दिया है। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी का जिक्र करते हुए सवाल किया कि अगर विपक्षी नेताओं पर पुलिस थाने के अंदर हमला होगा और पुलिस थाने को राजनीतिक हमले की जगह बनाया जाएगा तो आम आदमी कहां जाएगा। उन्होंने सवाल किया कि ऐसी स्थिति में आम व्यक्ति खुद को सुरक्षित कैसे महसूस करेगा। बीआरएस नेता ने आरोप लगाया कि यह घटना संवैधानिक अधिकारों के उल्लंघन के साथ अदालत के आदेश के उल्लंघन का मामला भी है।
रेवंत रेड्डी सरकार पर बीआरएस ने क्या आरोप लगाया?
पुट्टा विष्णुवर्धन रेड्डी ने तेलंगाना की रेवंत रेड्डी सरकार पर भी हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के शासन में जिस तरह का कथित आतंक पैदा किया गया है, उसे अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हालांकि, बीआरएस नेताओं की ओर से लगाए गए आरोपों पर इस इनपुट में सरकार या कांग्रेस की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। इसलिए हमले के पीछे कौन था, यह अभी आरोपों के स्तर पर ही है। बीआरएस ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने पर जोर दिया है।
सीसीटीवी फुटेज को लेकर बीआरएस क्यों गंभीर?
केटीआर ने पुलिस थाने के अंदर और बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों की सभी रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखने की मांग की है। इसका उद्देश्य कथित हमले से जुड़े घटनाक्रम की जांच में मदद करना है। बीआरएस का कहना है कि फुटेज सुरक्षित रहना जरूरी है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि थाने में कौन-कौन लोग आए, वहां क्या हुआ और हमले में कौन शामिल था। केटीआर ने घायल अपने दोनों सहयोगियों की सुरक्षा और इलाज की भी मांग की है। बीआरएस के मुताबिक, मामले की निष्पक्ष जांच के लिए सबूतों को सुरक्षित रखना जरूरी है।