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दिल्ली एयरपोर्ट: सुरक्षा में चूक, इमिग्रेशन जांच के बिना म्यूनिख पहुंचे तीन विदेशी यात्री; एअर इंडिया को नोटिस
Mon, 14 Sep 2026 09:18 PM IST
देवेश त्रिपाठी
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: देवेश त्रिपाठी
Updated Mon, 14 Sep 2026 09:18 PM IST
सार
दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर तीन विदेशी यात्रियों के बिना इमिग्रेशन जांच के अंतरराष्ट्रीय उड़ान पकड़ लेने का मामला सामने आया है। इस मामले पर मंत्रालय ने एअर इंडिया से पूछा है कि घरेलू उड़ान से आए यात्रियों की सही जांच क्यों नहीं हुई? उन्हें आई टू आई ट्रांसफर एरिया में जाने कैसे दिया गया?
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एअर इंडिया से मांगा गया जवाब
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर सुरक्षा में बड़ी चूक सामने आई है। तीन विदेशी यात्री इमिग्रेशन जांच पूरी किए बिना ही अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट तक पहुंच गए। इसके बाद तीनों लुफ्थांसा की फ्लाइट से म्यूनिख पहुंच गए। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने प्रक्रियागत चूक के आरोपों को लेकर एअर इंडिया को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। मंत्रालय ने एयरलाइन से सात दिन में जवाब मांगा है।
सूत्रों के मुताबिक, मामला तीन से चार सितंबर का है। तीनों यात्री एअर इंडिया की अमृतसर-दिल्ली फ्लाइट AI-1115 से दिल्ली आए थे। अमृतसर एयरपोर्ट पर उन्हें दिल्ली के लिए डी बोर्डिंग पास दिया गया था। साथ ही दिल्ली से म्यूनिख जाने वाली लुफ्थांसा की फ्लाइट LH-763 का बोर्डिंग पास भी दिया गया था। इस घटना पर चर्चा के लिए गृह मंत्रालय ने मंगलवार को संबंधित पक्षों की बैठक बुलाई है।
किन यात्रियों को करानी होती है इमिग्रेशन जांच?
डी बोर्डिंग पास वाले यात्रियों को दिल्ली एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन जांच करानी होती है। लेकिन तीनों यात्री जांच से बचकर इंटरनेशनल-टू-इंटरनेशनल ट्रांसफर एरिया में पहुंच गए। वहां से वे बोर्डिंग गेट तक गए और बिना इमिग्रेशन क्लीयरेंस के म्यूनिख की फ्लाइट में सवार हो गए। घटना पर एअर इंडिया की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।
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मंत्रालय ने एअर इंडिया से पूछे कौन से सवाल?
मंत्रालय ने पूछा है कि घरेलू उड़ान से आए यात्रियों की सही जांच क्यों नहीं हुई। उन्हें आई टू आई ट्रांसफर एरिया में जाने कैसे दिया गया। अमृतसर से ही म्यूनिख की फ्लाइट का बोर्डिंग पास जारी करने में क्या चूक हुई, इसका जवाब भी मांगा गया है। मंत्रालय ने यह भी पूछा है कि उड़ान से पहले जरूरी जांच और निगरानी क्यों नहीं हुई। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर एअर इंडिया के खिलाफ नियमों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
एअर इंडिया सीईओ से मांगा स्पष्टीकरण
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने कथित प्रक्रियागत चूक को लेकर एअर इंडिया के सीईओ कैंपबेल विल्सन से स्पष्टीकरण मांगा है। सूत्रों ने बताया कि गृह सचिव गोविंद मोहन मंगलवार को होने वाली बैठक की अध्यक्षता करेंगे। बैठक में नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सचिव और अतिरिक्त सचिव, इंटेलिजेंस ब्यूरो के निदेशक, गृह मंत्रालय में यूटी और विदेशियों से संबंधित अतिरिक्त सचिव, ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन के आयुक्त, एअर इंडिया के सीईओ और दिल्ली एयरपोर्ट के सीईओ के शामिल होने की उम्मीद है।
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सूत्रों के मुताबिक, मामला तीन से चार सितंबर का है। तीनों यात्री एअर इंडिया की अमृतसर-दिल्ली फ्लाइट AI-1115 से दिल्ली आए थे। अमृतसर एयरपोर्ट पर उन्हें दिल्ली के लिए डी बोर्डिंग पास दिया गया था। साथ ही दिल्ली से म्यूनिख जाने वाली लुफ्थांसा की फ्लाइट LH-763 का बोर्डिंग पास भी दिया गया था। इस घटना पर चर्चा के लिए गृह मंत्रालय ने मंगलवार को संबंधित पक्षों की बैठक बुलाई है।
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किन यात्रियों को करानी होती है इमिग्रेशन जांच?
डी बोर्डिंग पास वाले यात्रियों को दिल्ली एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन जांच करानी होती है। लेकिन तीनों यात्री जांच से बचकर इंटरनेशनल-टू-इंटरनेशनल ट्रांसफर एरिया में पहुंच गए। वहां से वे बोर्डिंग गेट तक गए और बिना इमिग्रेशन क्लीयरेंस के म्यूनिख की फ्लाइट में सवार हो गए। घटना पर एअर इंडिया की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।
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मंत्रालय ने एअर इंडिया से पूछे कौन से सवाल?
मंत्रालय ने पूछा है कि घरेलू उड़ान से आए यात्रियों की सही जांच क्यों नहीं हुई। उन्हें आई टू आई ट्रांसफर एरिया में जाने कैसे दिया गया। अमृतसर से ही म्यूनिख की फ्लाइट का बोर्डिंग पास जारी करने में क्या चूक हुई, इसका जवाब भी मांगा गया है। मंत्रालय ने यह भी पूछा है कि उड़ान से पहले जरूरी जांच और निगरानी क्यों नहीं हुई। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर एअर इंडिया के खिलाफ नियमों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
एअर इंडिया सीईओ से मांगा स्पष्टीकरण
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने कथित प्रक्रियागत चूक को लेकर एअर इंडिया के सीईओ कैंपबेल विल्सन से स्पष्टीकरण मांगा है। सूत्रों ने बताया कि गृह सचिव गोविंद मोहन मंगलवार को होने वाली बैठक की अध्यक्षता करेंगे। बैठक में नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सचिव और अतिरिक्त सचिव, इंटेलिजेंस ब्यूरो के निदेशक, गृह मंत्रालय में यूटी और विदेशियों से संबंधित अतिरिक्त सचिव, ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन के आयुक्त, एअर इंडिया के सीईओ और दिल्ली एयरपोर्ट के सीईओ के शामिल होने की उम्मीद है।