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स्थापना दिवस: दो सीटों से 282 तक पहुंची भाजपा, अटल-आडवाणी युग से मोदी लहर तक का सफर
Sat, 06 Apr 2019 01:19 PM IST
Prabudhh Jain
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Prabudhh Jain
Updated Sat, 06 Apr 2019 01:19 PM IST
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अटल बिहारी वाजपेयी-लालकृष्ण आडवाणी
- फोटो : social media
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देश में चल रहे चुनावी मौसम के बीच 6 अप्रैल का इतिहास खास अहमियत रखता है। भारतीय जनता पार्टी की स्थापना 1980 में इसी दिन यानी 6 अप्रैल को हुई थी। श्यामा प्रसाद मुखर्जी द्वारा 1951 में स्थापित भारतीय जन संघ से इस नई पार्टी का जन्म हुआ। 1977 में आपातकाल की घोषणा के बाद जनसंघ का कई अन्य दलों से विलय हुआ और जनता पार्टी का उदय हुआ। पार्टी ने 1977 के आम चुनाव में कांग्रेस से सत्ता छीन ली और 1980 में जनता पार्टी को भंग करके भारतीय जनता पार्टी की नींव रखी गई।
जनसंघ का चुनाव चिन्ह
- फोटो : social media
(1951-52)
21 अक्टूबर, 1951 को भारतीय जनसंघ का गठन किया गया लेकिन प्रकिया 1951 में शुरू हुई थी। 21 अक्टूबर को ही दिल्ली के कन्या माध्यमिक विधालय परिसर में भारतीय जनसंघ का राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया गया था जिसमें डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी मौजूद थे और इन्ही के अध्यक्षता में अखिल भारतीय जनसंघ की स्थापना हुई। पार्टी का झंडा आयताकार भगवा ध्यज झंजे के रूप में स्वीकृत किया था। साथ ही तभी पार्टी ने प्रथम चुनाव को लेकर घोषणापत्र को भी स्वीकृत किया था। पहली बार 1952-52 में आम चुनाव हुए जिसमें भारतीय जनसंघ ने तीन सीटें जीती थीं।
21 अक्टूबर, 1951 को भारतीय जनसंघ का गठन किया गया लेकिन प्रकिया 1951 में शुरू हुई थी। 21 अक्टूबर को ही दिल्ली के कन्या माध्यमिक विधालय परिसर में भारतीय जनसंघ का राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया गया था जिसमें डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी मौजूद थे और इन्ही के अध्यक्षता में अखिल भारतीय जनसंघ की स्थापना हुई। पार्टी का झंडा आयताकार भगवा ध्यज झंजे के रूप में स्वीकृत किया था। साथ ही तभी पार्टी ने प्रथम चुनाव को लेकर घोषणापत्र को भी स्वीकृत किया था। पहली बार 1952-52 में आम चुनाव हुए जिसमें भारतीय जनसंघ ने तीन सीटें जीती थीं।
श्यामा प्रसाद मुखर्जी
- फोटो : social Media
(1953-54)
इसी साल भारतीय जनसंघ ने कश्मीर और राष्ट्रीय एकता के मसले पर डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने आंदोलन आरंभ किया था साथ ही कश्मीर को अनुदान देने का विरोध भी किया था। इसके बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया, जहां रहस्यमय परिस्थितियों में उनकी मृत्यु हो गई थी। 2 मई 1954 को देश में एकता दिवस भी मनाया गया।
इसी साल भारतीय जनसंघ ने कश्मीर और राष्ट्रीय एकता के मसले पर डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने आंदोलन आरंभ किया था साथ ही कश्मीर को अनुदान देने का विरोध भी किया था। इसके बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया, जहां रहस्यमय परिस्थितियों में उनकी मृत्यु हो गई थी। 2 मई 1954 को देश में एकता दिवस भी मनाया गया।
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जगन्नाथ राव जोशी
- फोटो : social media
(1955-57)
23 जून, 1955 को भारतीय जनसंघ के महामंत्री जगन्नाथ राव जोशी ने 100 सत्याग्रहियों के साथ गोवा के लिए प्रस्थान किया और नारा दिया गया गोवा चलो। 9 दिसंबर से 16 दिसंबर तक गोवा मुक्ति सप्ताह का आयोजन किया गया। भारतीय जनसंघ तीन सीटों से आगे बढ़ते हुए 1957 के लोकसभा चुनाव में चार सीटें जीती थीं।
23 जून, 1955 को भारतीय जनसंघ के महामंत्री जगन्नाथ राव जोशी ने 100 सत्याग्रहियों के साथ गोवा के लिए प्रस्थान किया और नारा दिया गया गोवा चलो। 9 दिसंबर से 16 दिसंबर तक गोवा मुक्ति सप्ताह का आयोजन किया गया। भारतीय जनसंघ तीन सीटों से आगे बढ़ते हुए 1957 के लोकसभा चुनाव में चार सीटें जीती थीं।
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नेहरु-फिरोज खान नून
- फोटो : social media
(1958-1962)
जनसंघ ने इस साल बेरूबाड़ी जन आंदोलन की शुरूआत की थी। यह आंदोलन नेहरु-नून समझौते के तहत बेरूबाड़ी केंद्र शासित प्रदेश को पाकिस्तान को सौंपने का विरोध किया गया था। 1962 के लोकसभा चुनाव में जनसंघ ने तब 14 सीटें जीती थीं।
जनसंघ ने इस साल बेरूबाड़ी जन आंदोलन की शुरूआत की थी। यह आंदोलन नेहरु-नून समझौते के तहत बेरूबाड़ी केंद्र शासित प्रदेश को पाकिस्तान को सौंपने का विरोध किया गया था। 1962 के लोकसभा चुनाव में जनसंघ ने तब 14 सीटें जीती थीं।