पानीपत की अनुज नेहरा ने यूपी पीसीएस परीक्षा में टॉप किया है। अनुज का परिवार मूलरूप से हरियाणा के सोनीपत जिले के जौली गांव का रहने वाला है। अनुज के पिता रिटायर्ड फौजी अश्बीर सिंह ने बताया कि वे मैट्रिक पास है। कम उम्र में ही उनकी फौज में नौकरी लग गई। वे जाट रेजिमेंट में बतौर हवलदार तैनात थे। उनकी पत्नी एवं अनुज की मां गृहणी हैं, वे भी मैट्रिक पास हैं। उन्हें कई बार कम पढ़ा-लिखा होना बहुत खलता था, तभी से उन्होंने मन मे ठान लिया कि अपने बच्चों को उच्च शिक्षा दिलाएंगी। आज बेटी ने माता-पिता का नाम पूरे देश में रोशन कर दिया।
अश्बीर सिंह ने बताया कि 2001 में फौज से रिटायरमेंट लेकर बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलवाने के लिए वे पानीपत आ गए। दोनों बच्चों का दाखिला एनएफएल के केंद्रीय विद्यालय में करवाया। यहां दोनों बच्चों ने अच्छे अंकों के साथ अपनी बारहवीं कक्षा तक की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद लड़का विकास मेडिकल लाइन के साथ पीजीआई में डॉक्टरी की पढ़ाई पढ़ने चला गया और लड़की अनुज उच्चतर शिक्षा के लिए दिल्ली यूनिवर्सिटी चली गई।
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उन्होंने दोनों बच्चों को भरपूर समय दिया। अश्बीर बताते हैं कि उच्च शिक्षा की ज्यादातर बातें उन्हें समझ में नहीं आती थी तो अपने बच्चों से एक दोस्त की भांति पूछ लिया करते थे। उनके दोनों बच्चे उन्हें सब कुछ समझा देते। उन्होंने कभी अपने बेटी ओर बेटे में फर्क नहीं समझा और न ही महसूस होने दिया।
उन्होंने उनकी उम्मीदों को अपना सपना बना लिया और हर मोड़ पर उनके साथ खड़े रहे। कई बार अनुज उदास हो जाती तो वे फिर से जोश भरने का काम करते। इस काम में उनकी मां उषा का भी महत्वूपर्ण योगदान रहा है। अनुज के खाने पीने से लेकर उसके कमरे, किताबों को सजाने में काफी भागीदारी रही है।
अश्बीर सिंह व ऊषा बताती हैं कि आज उन्हें जो खुशी हुई है, वे इसे शब्दों में बयां नहीं कर सकती। ऐसा लगता है कि उन्हें अब सब कुछ मिल गया है। उनकी बेटी ने उनका सीना गर्व से चौड़ा कर दिया है। बेटी दूसरों के लिए भी प्रेरणा का स्त्रोत बनी है। अश्बीर सिंह व ऊषा ने बताया कि उनके बच्चे ईमानदारी से अपना काम करते हैं और जीवन भर करते रहेंगे। ऐसे उनके संस्कार हैं, उनको यही प्रेरणा दी गई है। जिस पर वे हमेशा से अटल थे और रहेंगे।