हरियाणा के रोहतक में बाबा मस्तनाथ मठ में चल रहे मेले के दौरान महंत बालक नाथ मंगलवार को नाथ परंपरा की 300 साल पुरानी स्वर्ण जड़ित पोशाक में मंच पर विराजे और भक्तों को आशीर्वाद दिया। अलौकिक दर्शन पाकर श्रद्धालु भी भावविभोर हो गए। मेले के अंतिम दिन नवमी पर देश भर से साधु-संतों और श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव, राज्यमंत्री ओपी यादव समेत कई शख्सीयतों ने कार्यक्रम में शिरकत की। अंतिम दिन आयोजित दंगल ने दूर-दराज के पहलवानों ने अपना दम दिखाया।
Baba Mastnath: नाथ परंपरा की 300 साल पुरानी स्वर्ण जड़ित पोशाक में महंत बालकनाथ ने दिया भक्तों को आशीर्वाद
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दिल्ली रोड स्थित बाबा मस्तनाथ मठ परिसर में लगे मेले के अंतिम दिन श्रद्धालुओं के सैलाब के कारण सड़क पर दिन भर जाम की स्थिति बनती रही। वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, ट्रैफिक व्यवस्था सुचारु करने के लिए पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। श्रद्धालुओं ने बाबा की समाधि पर माथा टेकने के बाद मेला घूमा।
किसी ने झूले का आनंद लिया तो किसी ने जमकर खरीददारी की। इसके लिए खिलौने, घरेलू व सजावटी सामान समेत मिठाई, जूस, आइस्क्रीम के स्टाॅॅल सजे रहे। मेले में कुश्ती दंगल भी आकर्षण का केंद्र रहा। सुरक्षा के लिहाज से यहां पुलिस के जवान तैनात रहे।
गुड़ व काला कंबल लेकर मेले में पहुंचे श्रद्धालुओं ने बाबा मस्तनाथ से मांगी मन्नतें
रोहतक में बाबा मस्तनाथ मठ में मेले के अंतिम दिन बैंड बाजे व ढोल नगाडों की धुन से पूरा मेला परिसर गुंजायमान रहा। नागा साधुओं ने नाच गाकर बाबा का गुणगान किया। सैकड़ों वर्षों से राष्ट्र प्रेम आराधना का संदेश देता आ रहा मेला मंगलवार देर शाम विश्व शांति की कामना के साथ संपन्न हुआ। मेले में श्रद्धालु गुड़ व काला कंबल लेकर पहुंचे। ये भेंट बाबा की समाधि पर चढ़ाकर लोगों ने अपनी मन्नतें मांगी। इसके लिए सुबह चार बजे से देर शाम तक भक्तों की भीड़ बनी रही। यहां मुख्य अतिथि के रूप में कैबिनेट मंत्री भूपेंद्र यादव ने शिरकत की।
उन्होंने कहा कि कुछ राजनीतिक दल परिवारवाद से घिरे हैं। लोगों ने प्रधानमंत्री की नीतियों का समर्थन किया है। यह खुशी की बात है कि लोग उनकी जनहित योजनाओं का लाभ लेकर उनकी सराहना करते हैं। उन्होंने दंगल में पहलवानों का हाथ मिलवाकर कुश्ती शुरू कराई। विजेताओं के लिए लाखों रुपये के ईनाम की घोषणा की।
दंगल में बराबर रही 1-1 लाख की पांचों कुश्ती
मेले में आयोजित दंगल विशेष आकर्षण रहा। सैकड़ों पहलवानों ने दमखम आजमाया। मिट्टी में हुई देसी कुश्ती देखने के लिए हजारों की संख्या में दर्शक मौजूद रहे। दंगल में एक-एक लाख रुपये की पांच कुश्ती हुई। ये सभी कुश्ती बराबर पर रही। पहली कुश्ती अजय गुर्जर व मोनू , दूसरी भोला कासनी व संजय गुर्जर, तीसरी दीपक व परवेश, चौथी कुश्ती संदीप व भुंडू के बीच रही। पांचवीं कुश्ती के प्रतिभागियों के नाम देर रात तक नहीं मिल पाए।
इस मौके पर बाबा मस्तनाथ विश्वविद्यालय की प्रो. चांसलर डॉ. अंजना राव, कुलपति डॉ. आरएस यादव, रजिस्ट्रार डॉ. मनोज कुमार वर्मा, डीन एकेडमिक अफेयर्स डॉ. नवीन शर्मा, परीक्षा नियंत्रक डॉ. मुकेश सिंगला, सलाहकार ओपी सचदेवा, प्रो. बीएम यादव, डॉ. अरुणा आंचल, डॉ. ललित कुमार, प्रो. सुभाष चंद्र गुप्ता, डॉ. देवेंद्र वशिष्ठ, डॉ. नवदीप बिसला समेत सभी संकाय अधिष्ठाता एवं विभाग अध्यक्ष उपस्थित रहे।