पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में पकड़ा गया हरियाणा के जिला कैथल का देवेंद्र सिंह पिछले डेढ़ महीने से कॉलेज भी नहीं गया था। वह पटियाला के खालसा कॉलेज में एमएम फर्स्ट ईयर का छात्र था। प्रोफेसर जगतार सिंह ने बताया कि देवेंद्र ने सिर्फ दो ही पेपर दिए थे। बाकी में वह गैरहाजिर था।
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जासूस देवेंद्र सिंह
- फोटो : अमर उजाला
इसलिए नहीं हुआ उस पर शक
प्रोफेसर ने बताया कि देवेंद्र का व्यवहार आम विद्यार्थियों की तरह था, इसलिए कभी किसी को शक नहीं हुआ। देवेंद्र के पकड़े जाने के बाद शनिवार को हरियाणा से जांच के लिए एक टीम पटियाला के खालसा कॉलेज में पहुंची। आरोप है कि देवेंद्र सिंह ने पटियाला सैन्य क्षेत्र की तस्वीरें अपने मोबाइल फोन से लेकर आईएसआई एजेंटों को भेजी थीं। जैसे ही आरोपी को पता लगा कि वह फंस गया है, तो उसने तुरंत अपने सभी डिजिटल डिवाइस से यह डाटा डिलीट कर दिया।
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पांच से अधिक एजेंट के संपर्क में था देवेंद्र
स्पेशल डिटेक्टिव यूनिट की ओर से जासूसी के आरोप में गिरफ्तार देवेंद्र सिंह वर्ष 2024 की नवंबर में ही सिख श्रद्धालुओं के जत्थे के साथ करतारपुर कॉरिडर से पाकिस्तान गया था। इस दौरान उसने करतारपुर साहिब, ननकाना साहिब, लाहौर में कई धार्मिक स्थलों पर गया। वहीं पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के एजेंट के संपर्क में आया। पुलिस की जांच में सामने आया कि देवेंद्र पांच से अधिक पाकिस्तानी एजेंटों के संपर्क में था।
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सप्ताह में पांच दिन ही कमरे पर रहता था
देवेंद्र ने विश्वविद्यालय के नजदीक ही अपना कमरा ले रखा था। कमरे पर वह सप्ताह में पांच दिन रहता था, शेष दो दिन के लिए मस्तगढ़ गांव स्थित अपने घर पर आता था। आरोपी के घर में चार सदस्य है। उसकी एक छोटी बहन है, वह भी 12वीं में पढ़ाई कर रही है। उसके पिता गांव में ही खेती हैं। जबकि उसकी माता एक गृहिणी है। अभी तक की जांच में सामने आया है कि मध्यमवर्गीय परिवार के इस युवक के खिलाफ सोशल मीडिया पर हथियार के साथ पोस्ट डालने से पहले कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है।
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पाकिस्तानी युवती को भेजी थी पटियाला सैन्य इलाके की तस्वीरें
आरोप है कि देवेंद्र की दोस्ती फेसबुक पर एक पाकिस्तानी युवती से हुई। हनी ट्रैप में फंसने के बाद आरोपी ने पटियाला सैन्य क्षेत्र की तस्वीरें अपने मोबाइल फोन से खींचकर आईएसआई एजेंटों को भेजी थीं। आरोपी को गांव में पुलिस जांच की भनक लग गई थी। इस कारण उसने अपने सभी डिजिटल डिवाइस से डाटा डिलीट कर दिया। पुलिस की साइबर क्राइम यूनिट अब डाटा रिकवर करने में जुटी है। पुलिस ने उसके मोबाइल फोन व अन्य डिवाइस अपने कब्जे में ले लिए हैं।