हरियाणा के कैथल में 13 साल पहले शुरू हुए जमीन के विवाद में शुक्रवार सुबह बुजुर्ग ताऊ व उसके भतीजे की सात गोलियां मारकर हत्या कर दी गई। मरने वालों की पहचान राजेंद्र (38) व वीरभान (75) के रूप में हुई। पुलिस के अनुसार दो बाइक पर आए चार हमलावरों ने सुबह करीब 9 बजे 10 मिनट के अंतराल में दोनों वारदात कीं। पहले उन्होंने पूंडरी जाते हुए राजेंद्र ढुल को चार गोलियां मारी। उसके बाद करीब 5-6 किलोमीटर दूर गांव पाई में वीरभान की तीन गोलियां मारकर जान ले ली।
घटना के बाद एसपी उपासना सिंह, डीएसपी सुशील प्रकाश, बीरभान, सीआईए की टीमें और अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे और शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू की। वीरभान के भतीजे तेजेंद्र की शिकायत पर पुलिस ने नरेश, राहुल, विजय और सावन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
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कैथल में डबल मर्डर के बाद जांच के लिए पहुंची पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
उन्होंने बताया कि राजेंद्र पूंडरी से सामान लेने के लिए स्कूटी पर जा रहे थे। जटहेड़ी के पास दो बाइक पर सवार चार हमलावरों ने उन्हें घेर लिया। घबराकर राजेंद्र खेतों की ओर भागे, लेकिन आरोपियों ने उनका पीछा किया और हत्या कर दी।
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कैथल में डबल मर्डर के बाद जांच के लिए पहुंची पुलिस
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2012 में डबल मर्डर में जमानत पर आया था राजेंद्र
कैथल की एसपी उपासना सिंह ने बताया कि मामला रंजिश से जुड़ा है। 2012 के जमीनी विवाद और डबल मर्डर से इस घटना के तार जुड़े हैं। राजेंद्र उसी डबल मर्डर मामले में हाईकोर्ट से 2019 में जमानत पर आया था। उसके बाद से वह खेतीबाड़ी कर रहा था। जांच में कई टीमें लगी हैं और आसपास के जिलों की पुलिस को भी अलर्ट किया गया है। गांव में तनाव की स्थिति के चलते सुरक्षा बलों की तैनाती कर दी गई है।
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कैथल में डबल मर्डर के बाद जांच के लिए पहुंची पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
300 गज के प्लाट की लड़ाई ने लील ली चार जिंदगियां
मामला जमीन के एक टुकड़े को लेकर वर्ष 2012 में शुरू हुआ और 2012 में ही आरोपी पक्ष के दो लोगों में राजबीर उर्फ राजा व फकीरचंद की तेजधार हथियारों से हत्या कर दी गई थी। माना जा रहा है कि उसी घटना का बदला लेने के लिए यह वारदात की गई।
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कैथल में डबल मर्डर के बाद विलाप करते परिजन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
गांव पाई में तीन दादा की औलादों में 300 गज के प्लाट की लड़ाई इस मुकाम पर पहुंचेंगी ऐसा किसी ने सोचा भी नहीं होगा। वर्ष 2012 में राजा व फकीर चंद की तेजधार हत्यारों से हत्या की गई थी। उस घटना में आज मारे गए पाई निवासी राजेंद्र समेत 14 लोगों को नामजद किया गया और सभी को मामले में सजा भी हो गई। 2019 में राजेंद्र को हाइकोर्ट से जमानत मिल गई और वह गांव में ही परिवार के साथ खेती-बाड़ी व पशुपालन का काम कर रहा था।