एक चिता पर तीन का अंतिम संस्कार: भीषण हादसे में गई थी जान, शव गांव पहुंचे तो गमगीन माहौल में बह उठी अश्रुधारा

संवाद न्यूज एजेंसी, बादली, बहादुरगढ़ (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Sat, 14 May 2022 01:47 AM IST
चरखी दादरी में सड़क हादसे में झज्जर के तीन की गई जान।
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हरियाणा के दादरी क्षेत्र के अटेला गांव में हुए सड़क हादसे में झज्जर के बादली क्षेत्र के बुपनियां गांव के परिवार के मां बेटे सहित तीन सदस्यों की मौत के बाद गांव में गमगीन माहौल था। मातम पसरा था। पीड़ित परिवार के घर चीख पुकार मची थी। ग्रामीण शवों का इंतजार कर रहे थे। दोपहर करीब दो बजे जैसे ही एंबुलेंस से तीनों के शव पहुंचे तो पूरा गांव उमड़ गया। शमशान घाट में तीनों का एक ही चिता पर अंतिम संस्कार हुआ तो हर कोई फफक पड़ा। सबकी आंखों में आंसू थे। 

गुरुवार को चरखी दादरी में सड़क हादसे में सुमित्रा पत्नी राजेश और भतेरी पत्नी चंदरहास और संजीत पुत्र राजेश की मृत्यु हुई थी। इनमें सुमित्रा और संजीत मां बेटा थे जबकि भतेरी और सुमित्रा दोनों बहनें। बड़ी संख्या में ग्रामीण सुबह से ही पीड़ित परिवार के यहां सांत्वना देने पहुंचने लगे थे।
गांव में पहुंचे शवों को लेने पहुंचे ग्रामीण।
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ग्रामीण और परिजन शवों के पहुंचने का इंतजार कर रहे थे। एक ही परिवार के तीनों सदस्यों के दाह संस्कार को गांव के शमशान घाट में एक बड़ी चिता बनाई गई थी। दोपहर दो बजे दो कुछ देर के अंतराल पर दो एंबुलेंस से शव पहुंचे। जैसे ही शव घर पहुंचे । दरअसल महिलाओं के शवों का पोस्टमार्टम चरखी दादरी करवाया गया जबकि युवक के शव का पोस्टमार्टम रोहतक पीजीआई में हुआ था।
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मृतकों के परिवार में दिन भर लगी रही भीड़।
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शव देखकर बेहोश हुए पिता
मृतक संजीत के पिता राजेश तो तीनों शव को एक साथ देख कर बेहोश हो गए। जबकि उनकी बहनों को भी ग्रामीणों ने संभाला। पीड़ित परिजनों को ढांढस बंधाने के लिए दिनभर ग्रामीणों और उनके शुभचिंतकों का तांता लगा रहा।
दुर्घटनाग्रस्त कार और डंपर।
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बहन के अंतिम संस्कार के बाद लौट रहे थे 
चरखी दादरी के अटेला गांव के पास डंपर की कार में टक्कर से कार सवार परिवार मां बेटा सहित तीन लोगों की मौत हुई थी।  दो गंभीर रूप से घायल है। मरने वाले तीनों बादली उपमंडल के बुपनिया गांव के रहने वाले थे। बृहस्पतिवार को हुए हादसे के बाद शुक्रवार की दोपहर बाद तीनों शव गांव पहुंचे।
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मृतक संजीव। फाइल फोटो
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पुलिस में भर्ती होने का था सपना संजीत का सपना
मृतक संजीव के दोस्तों ने बताया कि संजीव पुलिस में भर्ती होने का सपना रखता था और इसी को लेकर प्रतिदिन शारीरिक प्रशिक्षण भी लेता था। हरियाणा पुलिस सहित कई शारीरिक परीक्षा संजीव ने पास की थी। फिलहाल संजीव दिल्ली में परिवहन विभाग में कलस्टर बस पर चालक के तौर पर कार्यरत था। दोस्तों के अनुसार संजीव मिलनसार छवि रखता था और धार्मिक प्रवृत्ति से कार्य करता था जिसमें शिव मंदिर और दादा नसीनगिरी मंदिर की साफ सफाई कार्य भी शामिल है। 
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