जी-20 देशों का प्रतिनिधिमंडल शनिवार दोपहर बाद झज्जर के प्रतापगढ़ फार्म में पहुंचा। करीब 30 देशों के प्रतिनिधि 2 घंटे 33 मिनट झज्जर की धरा पर रहते हुए हरियाणवी संस्कृति को अपनी यादों में संजो कर विदा हो गए। इनमें जी-20 देशों के अलावा 10 आमंत्रित देशों के सदस्य शामिल रहे।
G-20: प्रतिनिधिमंडल ने यादों में संजोयी हरियाणवी संस्कृति, ऊंट गाड़ी, बैलगाड़ी और ट्रैक्टर की सवारी की
साथ ही पंचवटी, बोध वाटिका का दौरा किया। उन्होंने सब्जियों की जैविक खेती के बारे में भी जानकारी ली। मेहमानों ने गायों को रोटी खिलाकर उन्हें सहलाया, जबकि फॉर्म में स्थित चार मंदिरों में उन्होंने माथा टेका और पूजा अर्चना भी की।
ओंखली में अनज कूटती विदेशी मेहमान। संवाद
गुरुग्राम से पहले सुलतानपुर लेक व उसके बाद पांच बसों में 110 सदस्यों का दल यहां पहुंचा। उनके साथ एनडीआरएफ की टीम, दमकल विभाग की टीम के अलावा भिवानी के पुलिस अधीक्षक, झज्जर के दो पुलिस अधीक्षक, चार डीएसपी के अलावा 425 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था।
जी-20 के प्रतिनिधियों के स्वागत के लिए आठ क्विंटल का पलंग विशेष तौर पर तैयार करवाया गया था। इसे 12 कारीगरों ने करीब 15 दिन में तैयार किया था। अब इसे जी-20 की याद में यहां पर ही रखा जाएगा। इस पर बैठकर प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने फोटो भी खिंचवाए।
सवा घंटा देरी से पहुंचा प्रतिनिधिमंडल
जी-20 देशों का प्रतिनिधिमंडल कड़ी सुरक्षा के बीच झज्जर पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल का झज्जर पहुंचने का कार्यक्रम 11:30 बजे का था, लेकिन प्रतिनिधिमंडल एक घंटा 16 मिनट की देरी से यहां पहुंचा। 3.19 बजे प्रतिनिधिमंडल झज्जर से रवाना हुआ।
मेरे सिर पै बंटा-टोकणी... प्रतापगढ़ फार्म में पनघट पर हरियाणवी परिधान में सिर टोकणी लेकर महिलाओं के साथ विदेशी महिलाएं। संवाद
विदेशी मेहमानों का बीन बाजे के साथ स्वागत करते कलाकार । संवाद
कलाकारों के साथ हरियाणवी गानों थिरकते विदेशी मेहमान। संवाद