पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में पकड़ी गई ज्योति मल्होत्रा को पांच दिन का रिमांड खत्म होने के बाद कोर्ट में पेश किया गया। अदालत ने ज्योति की चार दिन का रिमांड और बढ़ा दी है। हिसार पुलिस गुरुवार सुबह साढ़े 9 बजे कोर्ट लाई थी। करीब डेढ़ घंटे तक उसके रिमांड पर बहस चली। जिसके बाद हिसार पुलिस को उसका चार दिन का रिमांड और मिल गया। इस दौरान किसी अधिकारी ने मीडिया से बात नहीं की।
आपको बता दें कि ज्योति पर जिन संगीन धाराओं में केस दर्ज हुआ है, उसमें दोषी साबित होने पर उम्रकैद की सजा तक हो सकती है। इतना ही नहीं ज्योति के खिलाफ दर्ज भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 152 के तहत जमानत मिलने का भी प्रावधान नहीं है।
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Jyoti Malhotra
- फोटो : facebook @TravelWithJo
पांच दिन के रिमांड के दौरान ज्योति से राष्ट्रीय जांच एंजेसी (एनआईए) इंटेलीजेंस ब्यूरो (आईबी) और सीआईए पुलिस ने क्या जानकारी और सबूत इकट्ठे किए हैं। इसके आधार पर ही अब आगे की कार्रवाई चलेगी।
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ज्योति पर (बीएनएस) की धारा 152 के साथ आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम, 1923 की धारा 3, 4 और 5 के तहत भी मामला दर्ज किया गया है। दोनों ही धाराएं बेहद संगीन हैं। कोर्ट की कार्रवाई में अब तार्किक आधार पर यह सुनिश्चित किया जाएगा कि ज्योति को लेकर क्या निर्णय लिया जाए।
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इसमें 1923 की धारा 3, 4 और 5 का कानून ब्रिटिश काल से चला रहा है। जिसमें बाद में कुछ संशोधन भी किए गए। सुप्रीम कोर्ट के सीनियर अधिवक्ता राकेश गौड़ ने जानकारी देते हुए बताया कि ज्योति मल्होत्रा के खिलाफ दर्ज की धाराओं के तहत सख्त सजा का प्रावधान है।
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ये है बीएनएस धारा 152, सजा का ये है नियम
भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 152 ऐसे लोगों के खिलाफ दर्ज की जाती है, जो किसी भी प्रकार से देश को बांटने या उसकी सुरक्षा को खतरे में डालने का प्रयास करते हैं। भारत की संप्रभुता, एकता, और अखंडता को नुकसान पहुंचाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ यह धारा सख्त कार्रवाई का प्रावधान करती है।