हरियाणा के हिसार के आजाद नगर के शिव नगर क्षेत्र के कर्मबीर की बेटी प्राची का सोमवार को जन्मदिन था। पूरे परिवार में खुशी का माहौल था। बेटी के जन्मदिन पर सालासर धाम जाने का कार्यक्रम बनाया और परिचित की कार से सोमवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे दंपती अपनी दो साल की बेटी और भतीजे के साथ निकले। लेकिन ये खुशी कुछ ही घंटों में मातम में बदल गई।
रास्ते में लक्ष्मणगढ़ के पास एक तेज रफ्तार ट्रैक ने कार को टक्कर मार दी। हादसे में कार के दो हिस्से हो गए वहीं बॉक्सिंग कोच कर्मबीर का परिवार तिनके ही तरह बिखर गया। हादसे में कर्मबीर, उसकी पत्नी रेणु, बेटी प्राची और भतीजे यश की मौत हो गई। यश मृतक के बड़े भाई राजू का इकलौता चिराग था।
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मृतका रेणू बेटी प्राची के साथ, यश और प्राची का फाइल फोटो। कर्मबीर बेटी प्राची के साथ। फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
वहीं, सुबह करीब 9 बजे जैसे ही हादसे की खबर शिव नगर पहुंची मातम छा गया। परिवार के कुछ लोग हादसे की सूचना मिलने पर राजस्थान के लिए निकले तो पड़ोसी की महिलाएं कोशिश करती रहीं कि परिवार की महिलाओं को हादसे की भनक न ले। पूरा दिन गली में सन्नाटा पसरा रहा। शाम करीब सात बजे तक शव आजाद नगर पहुंचे तो माहौल गमगीन हो गया। हर किसी की आंखें नम थी। महिलाओं को रो-रोकर बुरा हाल था।
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हादसे में कार के दो हिस्से हो गए।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
आस पड़ोस में रहने वाली महिलाओं ने बताया कि सेना से सेवानिवृत्त सूबेदार और अध्यापक आरएस ज्याणी का छोटा बेटा कर्मबीर चंडीगढ़ की एक यूनिवर्सिटी में बॉक्सिंग कोच के पद पर कार्यरत था। कर्मबीर अपनी बेटी का दूसरा जन्मदिन मनाने के लिए चंडीगढ़ से घर आया था। घर में खुशी का माहौल था। जन्मदिन की तैयारियां चल रही थीं। शाम को जन्मदिन मनाने से पहले सुबह कर्मबीर, उनकी पत्नी रेणू, बेटी प्राची और भतीजे के साथ शुभ काम के लिए निकला था, लेकिन सब खत्म हो गया।
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हादसे में कार के दो हिस्से हो गए।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मृतक के पिता का हादसे में कट गया था एक पांव
मृतक कर्मबीर के पिता आरएस ज्याणी का कुछ समय पहले सड़क दुर्घटना में घायल हो गए थे, जिंदगी बचाने के लिए एक पांव काटना पड़ा। पिछले पांच महीनों से वे पेट दर्द से परेशान हैं। मृतक की माता बीमार रहती है। करीब आठ साल पहले उनके मंझले बेटे का भी निधन हो गया था।
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मृतका रेणू बेटी प्राची के साथ कर्मबीर बेटी प्राची के साथ। फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बेटी के जन्म के बाद घर पर ट्यूशन पढ़ाती थी रेणु
कर्मबीर और रेणू दोनों बॉक्सिंग खिलाड़ी थे। खेलते समय दोनों की मुलाकात हुई। इसके बाद कर्मबीर ने लितानी की रहने वाली रेणु से शादी की। कर्मबीर खिलाड़ियों को कोचिंग देने लगा और रेणु ने एक निजी स्कूल में पढ़ाने लगी। दो साल पहले बेटी प्राची के पैदा होने के बाद उसने स्कूल छोड़ दिया और घर पर ही बच्चों को ट्यूशन पढ़ाने लगी। परिजनों ने बताया कि दोनों का स्वभाव मिलनसार था। वहीं यश अपनी बहन प्राची के साथ खेलता रहता था।