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किसान आंदोलन : हरियाणा की खापों ने फूंक दी जान, दिल्ली के बवाल से यूं मिली संजीवनी 

Fri, 05 Feb 2021 01:08 PM IST
निवेदिता वर्मा अंकित चौहान, अमर उजाला, सोनीपत
अंकित चौहान, अमर उजाला, सोनीपत Published by: निवेदिता वर्मा Updated Fri, 05 Feb 2021 01:08 PM IST
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Farmer protest :  Participation of villages started increasing 
किसान आंदोलन में शामिल महिलाएं। - फोटो : फाइल फोटो

कृषि कानून रद्द कराने की मांग को लेकर किसानों ने भले ही पिछले 70 दिनों से नेशनल हाईवे के कुंडली बॉर्डर पर डेरा डाला हुआ है। लेकिन जिस तरह से अब अधिकतर गांवों से किसान दिल्ली की सीमाओं पर पहुंच रहे हैं, उससे किसान नेताओं का हर गांव से किसानों को बुलाने का अभियान सफल होता दिख रहा है। इसमें खाप पंचायतों ने अहम रोल अदा किया है। 

Farmer protest :  Participation of villages started increasing 
किसान आंदोलन में पहुंचते लोग। - फोटो : फाइल फोटो
दरअसल ट्रैक्टर परेड के दौरान दिल्ली में बवाल के बाद किसान आंदोलन में बिखराव आने लगा था लेकिन इसी से आंदोलन को फिर संजीवनी मिलने लगी है। अब किसान आंदोलन में हर गांव की भागीदारी होने लगी है। पंजाब से करीब 7100 तो हरियाणा के 5150 गांवों से किसान धरनास्थल पर पहुंचे हैं।  

 
Farmer protest :  Participation of villages started increasing 
धरनास्थल पर जलेबी बांटता किसान। - फोटो : फाइल फोटो
हरियाणा की करीब 70 खाप पंचायतें किसान आंदोलन के समर्थन में उतरीं तो उसके बाद सबसे ज्यादा किसान गांवों से धरनास्थलों पर पहुंचे हैं। हरियाणा और पंजाब के किसान सबसे ज्यादा कुंडली बॉर्डर पर पहुंचे हैं तो टीकरी व गाजीपुर बॉर्डर भी यहां के किसान गए हैं। जबकि यूपी के करीब 153 गांवों का ब्योरा अभी तक संयुक्त किसान मोर्चा जुटा सका है। वहां के गांवों से ज्यादा किसान गाजीपुर बॉर्डर पर डटे हुए हैं। 
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Farmer protest :  Participation of villages started increasing 
धरने पर बैठे पंजाब-हरियाणा के किसान। - फोटो : फाइल फोटो
इस अभियान को ट्रैक्टर परेड के दौरान दिल्ली में बवाल के बाद सफलता मिली है। इसका एक बड़ा कारण यह है कि दिल्ली में बवाल से पहले तक कुछ खाप ही खुलकर किसान आंदोलन के समर्थन में उतरी थीं। लेकिन उस बवाल के बाद हरियाणा की करीब 58 खाप खुलकर आंदोलन के समर्थन खड़ी हो गई हैं और वह खुद गांवों में जाकर किसानों को जागरूक करके दिल्ली की सीमाओं पर लेकर पहुंच रही हैं। 

 
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Farmer protest :  Participation of villages started increasing 
धरनास्थत पर लस्सी बांटते किसान। - फोटो : फाइल फोटो
हरियाणा में खाप पंचायतों के खुलकर आगे आने पर आंदोलन पूरी तरह से बदल गया है और यह आंदोलन हर गांव तक पहुंच गया है। किसान नेता व खाप प्रतिनिधि दावा करते हैं कि दिल्ली की सीमाओं पर भले ही हरियाणा-पंजाब के सभी गांवों से किसान अभी तक नहीं पहुंच सके हो। लेकिन इस आंदोलन से दोनों प्रदेशों के सभी गांवों के किसान व आम लोग जुड़ गए हैं। आंदोलन से कोई प्रत्यक्ष रूप से जुड़ा है तो कोई अप्रत्यक्ष रूप से जुड़ा हुआ है। 
 
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