आईपीएस वाई पूरण कुमार की आत्महत्या के मामले में हरियाणा सरकार की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। जापान दौरे से चंडीगढ़ आए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को काफी समय बीत गया है, मगर अभी तक वे डीजीपी शत्रुजीत कपूर पर कोई कार्रवाई नहीं कर पाए हैं। हालांकि रोहतक के एसपी नरेंद्र बिजारणिया के खिलाफ सरकार ने कार्रवाई कर दी है।
आत्महत्या के पांच दिन बाद प्रदेश सरकार ने बिजारणिया को उनके पद से हटा दिया। साथ ही दूसरी जगह पोस्टिंग भी नहीं दी है। मधुबन पुलिस अकादमी में तैनात आईपीएस सुरेंद्र सिंह भोरिया को रोहतक का नया एसपी लगाया गया है। वे स्टेट क्राइम ब्यूरो के एसपी भी थे।
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आईपीएस अधिकारी वाई पूरण कुमार और रोहतक एसपी नरेंद्र बिजारणिया की फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
वाई पूरण कुमार के परिजनों से मुलाकात के दौरान उन्होंने आश्वासन भी दिया था कि वीरवार शाम तक दोनों अधिकारियों पर फैसला ले लिया जाएगा, शनिवार सुबह तक रोहतक एसपी पर कार्रवाई कर दी, मगर अभी तक डीजीपी पर कोई निर्णय नहीं लिया गया है।
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आईपीएस अधिकारी वाई पूरण कुमार और डीजीपी शत्रुजीत कपूर की फाइल फोटो
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डीजीपी को कुछ दिनों के लिए छुट्टी पर भेज सकती है सरकार
अब सभी की निगाहें मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पर टिकी हैं। वे शत्रुजीत कपूर को हटाते हैं या नहीं। हालांकि बढ़ते दबाव को देखते हुए सरकार डीजीपी को कुछ दिनों के लिए छुट्टी पर भेज सकती है।
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चंडीगढ़ में आईपीएस अमनीत पी कुमार के निवास पर दुख प्रकट करने पहुंचे सीएम सैनी
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ऐसी स्थिति में सरकार ओपी सिंह और आलोक मित्तल को कार्यवाहक डीजीपी बनाने पर विचार कर सकती है। दोनों ही डीजी रैंक के अधिकारी हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी इस मामले में लगातार बैठकें कर रहे हैं।
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चंडीगढ़ में आईपीएस अमनीत पी कुमार के निवास पर दुख प्रकट करने पहुंचे सीएम सैनी
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बैठक में डीजीपी ने रखा था अपना पक्ष
वीरवार को उन्होंने अपने आवास पर उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में डीजीपी शत्रुजीत कपूर भी मौजूद थे। उन्होंने अपना पक्ष भी रखा। शुक्रवार को भी उन्होंने आला अधिकारियों व मंत्रियों के साथ बैठक की।