हरियाणा के भिवानी में मंडियों में खुले में पड़ा गेहूं गुरुवार रात को हुई बारिश से भीग गया। इसका गुणवत्ता पर भी असर पड़ेगा। वहीं, मंडी में अव्यवस्था भी जारी है। भिवानी जिला मुख्यालय की मंडी में फसल के पास ही बारिश का काफी पानी जमा हो गया। इसके बावजूद शुक्रवार को आढ़तियों ने गीले गेहूं की कट्टों में भराई करा डाली। हद तो तब हुई जब गीले गेहूं के साथ ढेरियों के आसपास पड़ा कचरा भी भर डाला। हालांकि ये गेहूं एफसीआई के गोदामों तक पहुंचते पर चेकिंग के दौर से भी गुजरेगा। मगर एक साथ हजारों कट्टों पर निगरानी रख पाना भी संभव नहीं है।
भिवानी: मंडी में भीगा गेहूं, गुणवत्ता पर भी पड़ेगा असर, 10 मिनट की बारिश में बह गए किसानों के अरमान
मंडी में फसल सुरक्षा का सामान नहीं था। आढ़तियों ने बारिश में भीगकर गीले हुए गेहूं की भराई करा दी। साथ ही कचरा भी कट्टों में भरा गया।
ये सिलसिला मुश्किल से दस मिनट चला। इसी ने मंडी में खुले पड़े गेहूं को भिगोने का काम कर दिया। नियम के अनुसार मंडी मेें आने वाली गेहूं की ढेरी में 12 फीसदी नमी होनी चाहिए। अगर 12 से 14 फीसदी तक नमी है तो फिर एक प्वाइंट पर 100 ग्राम का म्योश्चर कट लगता है। इस बार अप्रैल का महीना काफी गर्म रहा।
इसी वजह से मंडी में अगर किसान की फसल में नमी थी बनी तो वह एक दिन सूखाने भर से कम हो गई थी। मगर अचानक एक बारिश के चंद मिनट के झटके ने मंडी में न केवल गेहूं को भिगो दिया, बल्कि मंडी में किसानों की फसल खरीद के प्रबंधों की भी पोल खुल गई।
हरियाणा कृषि विपणन बोर्ड अधिकारियों द्वारा मंडी में फसल खरीद से पहले पुख्ता इंतजाम किए जाने अनिवार्य होते हैं मगर मंडी में तीन शेड में अधिकतर आढ़तियों की सरसों ही पड़ी हैं, जबकि अधिकतर गेहूं खुले प्लेटफार्म पर ही दूर-दूर तक बिखरा पड़ा है।
मंडी में सभी आढ़तियों को तिरपाल व फसल को सुरक्षित रखने के पुख्ता इंतजामों की सख्त हिदायतें दी हुई हैं, फिर भी कोई आढ़ती संसाधनों का जरूरत पड़ने पर इस्तेमाल नहीं करता है तो मार्केट कमेटी की तरफ से दस हजार रुपये तक का जुर्माना लगाए जाने का प्रावधान है। मंडी में साफ सफाई करने वाले ठेकेदार का काम भी संतोषजनक नहीं है, इसका सिर्फ एक माह का कार्यकाल बाकी है। उसे भी सफाई को लेकर सख्त हिदायतें दी गई हैं। - हीरालाल, सचिव एवं कार्यकारी अधिकारी, हरियाणा कृषि विपणन बोर्ड भिवानी।
भिवानी मंडी में अब तक 69 हजार 730 क्विंटल गेहूं की खरीद हो चुकी है। शुक्रवार को भी 2660 क्विंटल गेहूं खरीदा था। बारिश का असर ज्यादा नहीं हुआ है। हमारा अधिकतर गेहूं शेड के नीचे है। उठान भी लगातार कराया जा रहा है। - खाद्य निरीक्षक, संदीप, जिला खाद्य एवं आपूर्ति विभाग।
गेहूं खरीद करा रहे आढ़तियों के पास पर्याप्त संसाधन हैं। उनके पास तिरपाल और कैरिट भी हैं। मौसम आंशिक रूप से बिगड़ा था, जिसका गेहूं की गुणवत्ता पर कोई असर नहीं पड़ा है। धूप इतनी तेज है कि जो नमी थोड़ी बहुत बढ़ी भी होगी, वह कुछ घंटे बाद फिर से सामान्य हो जाएगी। - राजेंद्र प्रसाद, प्रधान ग्रेन मर्चेंट एसोसिएशन भिवानी।