बुआ की बेटी की शादी में भात भरकर घर लौट रहे परिवार पर बीच रास्ते में मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा। एक हादसे के बाद तीन परिवारों की खुशियां पलभर में बिखर गईं। दो मासूम बहनों से इकलौता भाई हमेशा के लिए छिन गया वहीं दो युवाओं के परिवारों के सपने भी चकनाचूर हो गए। तीनों युवा गहरे दोस्त थे और अक्सर साथ रहते थे। सड़क हादसा मंगलवार देर रात करीब डेढ़ बजे हिसार-राजगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग 52 पर गांव गैंडावास और लीलस के बीच हुआ। इसमें एक ही कार में सवार तीन युवकों की मौत हो गई। हादसा भारी वाहन द्वारा कार को साइड से ओवरटेक करने की वजह से हुआ। इस वजह से कार को साइड से टक्कर लगने पर वह पलट गई।
सड़क हादसे में गांव बुद्धशैली निवासी 25 वर्षीय मंजीत और उसी के चचेरे भाई 20 वर्षीय हितेश उर्फ मोनू, उनके दोस्त सिवानी के वार्ड दस निवासी 29 वर्षीय सन्नी कुमार की मौत हो गई। ये तीनों एक कार में मंगलवार देर रात करीब डेढ़ बजे सिवानी से गांव बुद्धशैली जा रहे थे।
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सिवानी नागरिक अस्पताल।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इनकी गाड़ी जैसे ही गैंडावास और लीलस के बीच पहुंची तो एक भारी वाहन न गाड़ी को साइड से ओवरटेक करने का प्रयास किया। इसी दौरान कार को साइड से टक्कर लगी और कार सड़क पर ही जा पलट गई। कार में सवार तीनों युवकों को गंभीर हालत में सिवानी के अस्पताल ले जाया गया, जहां तीनों को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। मामले की जानकारी सिवानी पुलिस को दी गई।
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मृतक सन्नी, मंजीत और हितेश का फाइल फोटो।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
अक्सर साथ रहते थे तीनों दोस्त
इस हादसे में तीन परिवारों की खुशियां बिखर गईं और कई परिजनों के सपने भी चकनाचूर होकर रह गए। हितेश उर्फ मोनू दो बहनों में इकलौता भाई था। उसकी दो छोटी बहनें हैं। उसके पिता राजेश कुमार गांव में ही खेतीबाड़ी करते हैं। मां भी बेटे को खोकर गहरे सदमे में है। हितेश बीए प्रथम की पढ़ाई कर रहा था। इसी तरह बुद्धशैली का ही मंजीत भी पढ़ाई कर रहा था। मंजीत के पिता सुरेंद्र व मां की मौत हो चुकी थी। उसका बड़ा भाई रवींद्र एयर फोर्स में है। दोनों ही भाई अविवाहित थे। छोटे भाई मंजीत के जाने के बाद अब रवींद्र भी घर में अकेला रह गया। मंजीत और हितेश चचेरे भाई थे। उनके दोस्त सन्नी कुमार की कहानी भी कुछ उन्हीं से मिलती है। सन्नी का बड़ा भाई जनस्वास्थ्य विभाग में नौकरी करता है। उसके पिता की जूतों की दुकान है। सन्नी भी अविवाहित था। ये तीनों ही अक्सर एक साथ रहते थे।
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हादसे में क्षतिग्रस्त कार।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
हादसे के वक्त नहीं खुले गाड़ी के एयर बैग
हादसे के वक्त गाड़ी सन्नी कुमार चला रहा था। ये सन्नी की गाड़ी थी, जिसमें मंजीत और हितेश भी सवार थे। हादसे के वक्त गाड़ी में एयर बैग नहीं खुले। अगर गाड़ी के एयर बैग खुल जाते तो शायद इनकी जान बच जाती। भारी वाहन की साइड से टक्कर लगी थी शायद। इसलिए एयर बैग नहीं खुले। सामने से टक्कर पर ही एयरबैग खुलते हैं।
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हादसे में क्षतिग्रस्त वाहन।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बुधवार दोपहर बाद भिवानी के नागरिक अस्पताल में तीनों दोस्तों के शवों का पोस्टमार्टम कराया गया। परिजनों के बयान दर्ज कर इस संबंध में अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ केस दर्ज किया है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए हैं। - एएसआई हितेंद्र, जांच अधिकारी, सिवानी थाना।