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भिवानी: सुधा व गीता की दहाड़ से हुआ बबर शेर शिवा का स्वागत, बहनों को छोड़कर जाने के लिए तैयार नहीं अर्जुन

Sat, 05 Feb 2022 08:22 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Sat, 05 Feb 2022 08:22 PM IST
सार

इंदौर से एक हजार किलोमीटर का सफर तय कर 32 घंटे बाद बबर शेर शिवा भिवानी पहुंचा। अब मिनी जू में दुर्लभ वन्य जीवों प्रतिकृति भी की लगाई जाएगी इनके साथ सेल्फी ले सकेंगे।

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Lion reached from Indore to Bhiwani zoo in Haryana
इंदौर के चिड़ियाघर में बैठा शेर। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

हरियाणा के भिवानी के लघु चिड़ियाघर में शनिवार को इंदौर के बबर शेर शिवा के कदम पड़े तो उसका स्वागत सुधा और गीता की दहाड़ से हुआ। वहीं, शिवा के बदले में यहां से अर्जुन को इंदौर भेजा जाना है, लेकिन वह जाने के लिए तैयार नहीं है। टीम अर्जुन को ले जाने के लिए दिनभर प्रयास करती रही, लेकिन वह पिंजड़े में बैठने के लिए तैयार नहीं हुआ। इसलिए अब रविवार को अर्जुन को इंदौर ले जाने के लिए फिर से प्रयास किए जाएंगे। शिवा के आगमन पर भिवानी चिड़ियाघर प्रशासन के अधिकारियों व कर्मचारियों के चेहरे पर भी खुशी है। वहीं अर्जुन चला जाएगा इस बात की उदासी भी है। दरअसल जिस अर्जुन को बच्चों की तरह पाला, उसी अर्जुन को अब अपने से एक हजार किलोमीटर दूर भेजना सहज नहीं है। वहीं, इंदौर से करीब 32 घंटे का सफर तय कर भिवानी पहुंचा शिवा थका हारा नजर आया। उसे अलग वाड़े में 21 दिन तक क्वारंटीन किया जाएगा। 

Lion reached from Indore to Bhiwani zoo in Haryana
लगाई गई टाइगर की प्रतिकृति। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

पुतले कराएंगे असली जीवों का आभास
बबर शेर शिवा के कदम भिवानी चिड़ियाघर मेें पड़ते ही वन्य प्राणी विभाग ने भी यहां पर दुर्लभ प्रजाति के वन्य जीवों के प्रतिकृति (यानी असली दिखाई देने वाले पुतले) लगाने का निर्णय ले लिया। अब भिवानी चिड़ियाघर में जिंदा वन्य जीवों के साथ दुर्लभ प्रजाति के वन्य व खूंखार वन्य जीवों के पुतले भी जंगल भ्रमण जैसा आभास कराएंगे। यहां पर वन्य जीवों के पुतलों के साथ बच्चे व अभिभावक सेल्फी भी ले सकेंगे। इतना ही नहीं लीलस गांव में करीब 50 एकड़ पंचायती भूमि पर पैंगोलिन के साथ विलुप्त होने के कगार पर पहुंचे परिंदों के लिए भी नया प्रजनन केंद्र खोला जाएगा। जिसकी प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। 

Lion reached from Indore to Bhiwani zoo in Haryana
इंदौरा जाने से पहले पिंजरे में बेचैन दिख रहा अर्जुन, जाने को तैयार नहीं। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

बहनों सुधा व गीता से जुदा नहीं होना चाहता है अर्जुन
भिवानी चिड़ियाघर में चार साल पांच माह की शेरनी गीता और सुधा है। उनके भाई अर्जुन के साथ ही तीनों का 18 अगस्त 2018 में पीपली चिड़ियाघर में जन्म हुआ था। रोहतक रहने के बाद दो अक्तूबर 2020 को तीनों को भिवानी चिड़ियाघर में लाया गया था। एक ही मादा के शावक होने की वजह से उनका प्रजनन संभव नहीं था। इसलिए जवान हो चुकी शेरनी सुधा और गीता के साथ मिलन के लिए इंदौर से तीन साल सात माह के शिवा को यहां लाया गया है। जिसके बाद भिवानी में शेरों का कुनबा फलफूल सकेगा। फिलहाल भिवानी के मिनी जू में दो मादा और एक नर शेर है। अर्जुन के बदले शिवा यहां आया है तो अर्जुन को भी उसी गाड़ी से इंदौर चिड़ियाघर के लिए रवाना किया जाएगा, लेकिन अर्जुन अपनी बहनों को छोड़कर इंदौर नहीं जाना चाह रहा है। अर्जुन पिंजड़े में बैठ नहीं रहा है। टीम दिन भर प्रयास करती रही। शाम होने के बाद निर्णय लिया गया कि अब रविवार सुबह अर्जुन को इंदौर ले जाने का प्रयास किया जाएगा। 

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पिंजरे में मादा शेर सुधा। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

अर्जुन को लेने और शिवा को छोड़ने पहुंचे इंदौर चिड़ियाघर के डायरेक्टर
इंदौर चिड़ियाघर के डायरेक्टर डॉ. उत्तम यादव अपनी टीम के साथ बबर शेर शिवा को यहां छोड़ने के साथ ही यहां से अर्जुन को साथ ले जाने के लिए भिवानी पहुंचे। शिवा को जिस गाड़ी और पिंजरे से लाया गया, उसी पिंजरे में अर्जुन को भी सवार किया जाएगा। दोनों शेरों का रेवाड़ी के पिकोक एंड चिंकारा प्रजनन केंद्र रेवाड़ी से डॉ. अशोक खासा ने चेकअप किया। जिसके बाद दोनों का फिटनेस सर्टिफिकेट भी टीम को दिया गया। इस दौरान सिरसा, फतेहाबाद, जींद और हिसार के वन्य प्राणी विभाग के निरीक्षक भी मौके पर पहुंचे थे। 

चिड़ियाघर की दीवारों पर भी होंगे वन्य जीवों के दीदार
अब भिवानी चिड़ियाघर की दीवारों में भी वन्य जीवों की थ्री डी तस्वीरों के जरिये दीदार होंगे। भिवानी चिड़ियाघर को दर्शकों के लिए और अधिक आकर्षक बनाने के लिए वन्य प्राणी विभाग ने अहम कदम उठाया है। जल्द ही चिड़ियाघर की बाहरी दीवारों पर वन्य जीवों की थ्री-डी पेंटिंग कराई जाएगी। जिसमें वन्य जीवों की गतिविधियों को दर्शाया जाएगा। 

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भिवानी पहुंचे शेर का पिंजरा उतारते लोग। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

ई टिकट की सुविधा होगी शुरू
भिवानी लघु चिड़ियाघर मेें जल्द ही ई टिकट की सुविधा शुरू की जाएगी, इसके निर्देश डीएफओ वेदप्रकाश ने भिवानी जू प्रशासन को दिए हैं। ई टिकट की व्यवस्था शुरू होने से दर्शकों को यहां टिकट खिड़की पर ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। वहीं जू प्रशासन को भी मैन पावर की ज्यादा जरूरत नहीं होगी। रोजाना ही करीब ढाई सौ से तीन सौ दर्शक यहां पहुंचते हैं। फिलहाल कोविड की वजह से चिड़ियाघर बंद है। 

32 घंटे, 900 किमी के सफर में बैठे रहने से शिवा के पैर हुए जख्मी, उपचार शुरू 
हिसार। इंदौर से 900 किलोमीटर का सफर तय कर बब्बर शेर शिवा शनिवार दोपहर भिवानी के चिड़ियाघर पहुंचा। इस दौरान करीब 32 घंटे तक गाड़ी में रखे पिंजरे में बैठे रहने और बार-बार पांव मारने से शिवा के पैरों में जख्म हो गए। अब उसका उपचार शुरू किया गया है। 21 दिन तक शिवा को क्वारंटीन किया गया है। 
इंदौर के जू हेड कीपर वाजिद ने बताया कि वैसे तो रोजाना शिवा को 10 किलो चिकन दिया जाता है, लेकिन लंबे सफर के कारण उसे उल्टी न हो, उसकी तबीयत न बिगड़े, इसलिए उसे पांच किलो ही चिकन दिया गया था। वाजिद ने बताया कि शिवा का पूरा ख्याल रखा गया। इंदौर से चलने के बाद रात को जयपुर रुके। यहां से फिर सुबह भिवानी के लिए रवाना हुए। इंदौर से शिवा को ट्रक में लाया गया। इस दौरान ट्रक की स्पीड सिर्फ 40 से 45 के बीच रखी गई, ताकि शिवा को कहीं चोट न लग जाए। शिवा का पिंजरा छोटा था, इसलिए वह घूम नहीं सका। एक ही जगह बैठा रहा। कई घंटे तक बैठे रहने से उसके पैरों में जख्म हो गए। 

जंगल के राजा शिवा का स्वभाव शांत
इंदौर से पहुंचा बब्बर शेर शिवा का स्वभाव शांत बताया जा रहा है। यहां आने के बाद उसे 15 मिनट के अंदर दूसरे पिंजरे में शिफ्ट कर दिया गया है। शिवा को दो दिन बाद नहलाया जाएगा। जू में उसकी पूरी केयर रखी जाएगी। वहीं यहां नया शेर पहुंचने के बाद अब पांच से छह माह में शावकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। 

भिवानी के चिड़ियाघर में शिवा पहुंच चुका है। शिवा का स्वभाव भी काफी शांत है। पैरों में जख्म हो गए, उसे एंटी बायोटिक दवाइयां दी जाएगी।  - वेद प्रकाश, डिविजनल वाइल्ड लाइफ ऑफिसर, वन एवं वन्य जीव संरक्षण विभाग


लीलस में विलुप्त होती प्रजातियों का प्रजनन केंद्र खोलने का प्रस्ताव

शिवा का सुरक्षित ढंग से यहां के चिड़ियाघर में पहुंचाने का मिशन सफलतापूर्वक पूरा हो गया। अर्जुन को भी इंदौर भेजा जाएगा। भिवानी के चिड़ियाघर को और अधिक आकर्षक बनाने के लिए थ्री-डी पेंटिंग कराई जाएगी, जिसमें वन्य जीवों के चित्र दीवारों पर दर्शकों को लुभाएंगे। लीलस में 50 एकड़ पंचायती भूमि का प्रस्ताव आया है। जिस पर पैंगोलिन व विलुप्त होने के कगार पर पहुंचे पक्षियों का प्रजनन केंद्र खोलने का प्रस्ताव भी भेजा जाएगा। -वेदप्रकाश, डिविजनल वाइल्ड लाइफ आफिसर, वन्य जीव संरक्षण विभाग हिसार। 


अर्जुन से हो गया था बच्चों जैसा लगाव

नर शेर अर्जुन के साथ बहुत थोड़ा वक्त बिताया था, लेकिन यह वक्त हमेशा यादगार ही रहेगा, क्योंकि उसके साथ बच्चों सा लगाव हो गया था। इसलिए उसके जाने पर कमी खलेगी, लेकिन शिवा के आने से यहां खुशी है। अर्जुन भी वहां अपना परिवार बढ़ाएगा, जिससे शेरों की प्रजाति निश्चित रूप से बढ़ेगी। शेर आने से भिवानी चिड़ियाघर में दर्शकों की और अधिक रौनक दिखाई देगी। - निरीक्षक ज्योति कुमार, इंचार्ज लघु चिड़ियाघर भिवानी।

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