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युवाओं और बुद्धिजीवियों ने इस खास कानून का किया स्वागत, बोले- सोशल मीडिया पर प्रभावी नियंत्रण जरूरी

Sat, 27 Feb 2021 04:07 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Sat, 27 Feb 2021 04:07 PM IST
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youth and intellectuals supported central government for law on social media
केंद्र सरकार की ओर से कानून लाने का युवाओं और बुद्धिजीवियों ने किया स्वागत - फोटो : अमर उजाला।

सोशल मीडिया जानकारी और संवाद का बड़ा जरिया है, लेकिन इसका दुरुपयोग उतना ही घातक है। अगर यह किसी के निजता का हनन करे, देश के लोकतंत्र के लिए खतरा बने तो नियंत्रण अनिवार्य हो जाता है। केंद्र सरकार के नए दिशा निर्देशों से जवाबदेही तो तय होगी ही, नकारात्मक सोच के लोगों पर अंकुश भी लगेगा। यह मानना है कि गोरखपुर शहर के युवाओं और बुद्धिजीवियों का। उनकी सलाह है कि इसे निष्पक्षता के साथ अमल में लाया जाए, ताकि किसी की सांविधानिक स्वतंत्रता बाधित न हो।

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प्रो. हर्ष सिन्हा - फोटो : अमर उजाला।

नियमन और सांविधानिक स्वतंत्रता में संतुलन जरूरी
गोविवि के रक्षा अध्ययन विभाग के अध्यक्ष प्रो. हर्ष सिन्हा ने बताया कि आज मीडिया महज सूचना और मनोरंजन का माध्यम नहीं है, बल्कि हमलावर सेना की भूमिका अदा कर रहा है। कुछ वर्ष पूर्व संयुक्त राष्ट्र मादक द्रव्य तस्करी और अपराध निरोधक कार्यालय (यूएनओडीसी) की रिपोर्ट में कहा गया कि सोशल नेटवर्क माध्यम अपनी बात अपने जैसों तक पहुंचाने, लोगों को गुमराह करने, भड़काने या उनसे संपर्क साधने का आतंकवादियों की पहली पसंद बन गए हैं। भारत में डिजिटल प्रसार के साथ यह खतरा तेजी से बढ़ा है। उधर, ओटीटी प्लेटफॉर्म का एक बड़ा हिस्सा पोर्न प्लेटफॉर्म में तब्दील हो चुका है। ऐसे में नियमन की सख्त जरूरत थी। नियमन और सांविधानिक स्वतंत्रता में संतुलन बहुत जरूरी है।

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कलीम कैसर - फोटो : अमर उजाला।
निष्पक्षता रहेगी तो सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा
साहित्यकार कलीम कैसर ने बताया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म गलत स्वरूप में जाने लगा है। भाषा, संस्कृति तो नष्ट हो ही रही है, अच्छे संस्कार भी गायब हो रहे हैं। समाज में अगर कोई तोड़फोड़ या विद्वेष फैल रहा है तो अंकुश जरूरी है। कोई भी कानून अच्छे के लिए बनता है। जरूरत है कि उसे प्रभावी ढंग से लागू किया जाए। इस कानून का सकारात्मक प्रभाव समाज पर तभी पड़ेगा, जब निष्पक्षता से लागू किया जाएगा। वरना लोकतांत्रिक अधिकारों पर खतरा बढ़ जाएगा।
 
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देवेंद्र आर्य - फोटो : अमर उजाला।

सोशल मीडिया पर नियंत्रण से स्वतंत्रता प्रभावित होगी
कवि एवं साहित्यकार देवेंद्र आर्य ने बताया कि सरकार कोई भी हो, सत्ता हमेशा अपने हक में कानून बनाना चाहती है। मीडिया पर सरकार का प्रभावी नियंत्रण होता है। सोशल मीडिया सबके हाथ में है। अगर इस पर नियंत्रण किया जाएगा तो लोगों की स्वतंत्रता प्रभावित होगी। लोकतंत्र या देश की गरिमा के साथ खिलवाड़ होता है तो वह दंडनीय है, लेकिन उसके नाम पर कानून का बेजा इस्तेमाल होने की पूरी आशंका है। निष्पक्षता का पैमाना क्या होगा? यह अपने आप में बड़ा सवाल है।

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हर्षिता शुक्ला। - फोटो : अमर उजाला।

नियंत्रण वाले कानून की थी सख्त जरूरत
गोविवि के एमए द्वितीय की छात्रा हर्षिता शुक्ला ने बताया कि वर्ष सोशल मीडिया देश-दुनिया से जोड़ने का बड़ा माध्यम है, लेकिन गलत मानसिकता के लोग भ्रम फैलाने वाले संदेश और महिलाओं की आपत्तिजनक फोटो पोस्ट करके इसकी छवि खराब कर रहे हैं। ऐसे में प्रभावी नियंत्रण जरूरी था। इस कानून से सकारात्मक संवाद कायम होगा। वहीं, साइबर क्राइम को भी रोकने में कारगार साबित होगा।

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