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World Tourism Day 2021: पर्यटन के नक्शे पर चमक रही गोरखनगरी, रामगढ़ताल ताल बना शहरवासियों का पिकनिक स्पॉट, देखें तस्वीरें
Mon, 27 Sep 2021 12:59 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Mon, 27 Sep 2021 12:59 PM IST
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रामगढ़ताल।
- फोटो : अमर उजाला।
पर्यटन के नक्शे पर भी गोरखनगरी चमक रही है। हर गुजरते साल के साथ ही गोरखपुर पर्यटन के लिहाज से अहम होता जा रहा है। रामगढ़ताल, नौकायन, अशफाक उल्लाह खां प्राणि उद्यान से लेकर प्राचीन गोरखनाथ मंदिर, गुरुद्वारों, रामलीला मैदानों, राप्ती नदी के सुंदर घाट, कबीर धूनी, गोरख तलैया के साथ ही भगवान बुद्ध की निर्वाण स्थली का तेजी से कायाकल्प हो रहा है। बाहर से आने वाले पर्यटकों के शहर में रुकने के कारण यहां के लोगों को भी रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। रामगढ़ताल पर ही हजारों लोग इसका लुत्फ लेने के लिए रोजाना आते हैं।
गोरखपुर में पर्यटन स्थल।
- फोटो : अमर उजाला।
योगी सरकार की महत्वाकांक्षी योजना मुख्यमंत्री पर्यटन संवर्धन योजना ने इसे गांवों तक पहुंचा दिया है। इसके तहत प्रदेश के हर विधानसभा में 50 लाख रुपये की लागत से एक धार्मिक स्थल को पर्यटन के रूप में विकसित किया जा रहा है। भले ही कोरोना महामारी ने पर्यटन इंडस्ट्री को लगातार एक वर्ष से अधिक समय तक असर में रखा मगर उसके बाद भी पर्यटन के प्रति लोगों का रुझान कम नहीं हुआ है।
वॉटर स्पोर्ट्स कांप्लेक्स
- फोटो : अमर उजाला।
अंतरराष्ट्रीय स्तर की होंगी प्रतियोगिताएं
रामगढ़ताल में बन रहे वॉटर स्पोर्ट्स कांप्लेक्स का कार्य भी आखिरी चरण में चल रहा है। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद से गोरखपुर में वॉटर स्पोर्ट्स की अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं का आयोजन संभव हो सकेगा। वहीं आम लोगों को भी तरह तरह के बोटिंग के संसाधन उपलब्ध हो सकेंगे।
रामगढ़ताल में बन रहे वॉटर स्पोर्ट्स कांप्लेक्स का कार्य भी आखिरी चरण में चल रहा है। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद से गोरखपुर में वॉटर स्पोर्ट्स की अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं का आयोजन संभव हो सकेगा। वहीं आम लोगों को भी तरह तरह के बोटिंग के संसाधन उपलब्ध हो सकेंगे।
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गोरखपुर पर्यटन स्थल।
- फोटो : अमर उजाला।
इन धरोहरों की बदली सूरत
पर्यटन विभाग द्वारा करीब 50 स्थलों का सुंदरीकरण हो रहा है। इसमें से कुछ का काम पूरा भी हो चुका है। इनमें गोरखनाथ मंदिर में साउंड एंड लाइट शो, राम प्रसाद बिस्मिल स्मारक, चौरीचौरा शहीद स्मारक, डोहरिया कला स्मारक, भरोहिया शिव स्थल, सूर्यकुंड धाम, मुंजेश्वरनाथ मंदिर, मोहद्दीपुर व जटाशंकर गुरुद्वारा, मुक्तेश्वरनाथ मंदिर समेत दो दर्जन स्थलों को विकसित किया जा चुका है। वाटर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स (45 करोड़), चिलुआताल (44 करोड़), गोरखनाथ मंदिर (14 करोड़), नौसड़-कालेसर बंधे का सुंदरीकरण (10.50 करोड़), रामलीला मैदान मानसरोवर (7.65 करोड़), रामलीला मैदान बर्डघाट (5 करोड़), रामगढ़ताल लाइट एंड साउंड शो (7 करोड़), कबीर धूनी व गोरख तलैया (5.50 करोड़) समेत करीब दो दर्जन कार्य निर्माणाधीन हैं।
पर्यटन विभाग द्वारा करीब 50 स्थलों का सुंदरीकरण हो रहा है। इसमें से कुछ का काम पूरा भी हो चुका है। इनमें गोरखनाथ मंदिर में साउंड एंड लाइट शो, राम प्रसाद बिस्मिल स्मारक, चौरीचौरा शहीद स्मारक, डोहरिया कला स्मारक, भरोहिया शिव स्थल, सूर्यकुंड धाम, मुंजेश्वरनाथ मंदिर, मोहद्दीपुर व जटाशंकर गुरुद्वारा, मुक्तेश्वरनाथ मंदिर समेत दो दर्जन स्थलों को विकसित किया जा चुका है। वाटर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स (45 करोड़), चिलुआताल (44 करोड़), गोरखनाथ मंदिर (14 करोड़), नौसड़-कालेसर बंधे का सुंदरीकरण (10.50 करोड़), रामलीला मैदान मानसरोवर (7.65 करोड़), रामलीला मैदान बर्डघाट (5 करोड़), रामगढ़ताल लाइट एंड साउंड शो (7 करोड़), कबीर धूनी व गोरख तलैया (5.50 करोड़) समेत करीब दो दर्जन कार्य निर्माणाधीन हैं।
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ये हैं प्रमुख धार्मिक, ऐतिहासिक, पौराणिक व प्राकृतिक स्थल।
- फोटो : अमर उजाला।
क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी रविंद्र कुमार ने बताया कि पर्यटन के विकास के माध्यम से ज्यादा से ज्यादा लोगों को रोजगार दिलाने की तरफ सरकार का रुझान है। शहर से लेकर गांव तक के प्राचीन मंदिरों का कायाकल्प कराया गया है। ज्यादातर योजनाओं का कार्य आखिरी चरण में हैं। वर्ष के आखिर तक इन्हें पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है।
क्यों मनाया जाता है विश्व पर्यटन दिवस
संयुक्त राष्ट्र महासभा हर साल विश्व पर्यटन दिवस की विषय-वस्तु तय करती है। वर्ष 2021 में विश्व पर्यटन दिवस की थीम समावेशी विकास के लिए पर्यटन रखी गई है। विश्व पर्यटन दिवस की शुरुआत वर्ष 1980 में संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन के द्वारा की गई थी। इस तारीख के चुनाव का मुख्य कारण यह था कि इसी दिन वर्ष 1970 में विश्व पर्यटन संगठन का संविधान स्वीकार किया गया था।
क्यों मनाया जाता है विश्व पर्यटन दिवस
संयुक्त राष्ट्र महासभा हर साल विश्व पर्यटन दिवस की विषय-वस्तु तय करती है। वर्ष 2021 में विश्व पर्यटन दिवस की थीम समावेशी विकास के लिए पर्यटन रखी गई है। विश्व पर्यटन दिवस की शुरुआत वर्ष 1980 में संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन के द्वारा की गई थी। इस तारीख के चुनाव का मुख्य कारण यह था कि इसी दिन वर्ष 1970 में विश्व पर्यटन संगठन का संविधान स्वीकार किया गया था।