गोरखपुर जिले की उफनाई नदियों ने अब तक 160 गांवों को अपनी चपेट में ले लिया है। बाढ़ प्रभावित इन गांवों में 153 नावों को लगाया गया है। नदियों में अब नेपाल से पानी आना कम हो गया है। उम्मीद है कि दो-तीन दिनों में जिले में भी नदियों के जलस्तर में कमी आ जाएगी। बाढ़ का पानी गांवों में घुसने से 52,687 की आबादी प्रभावित हुई है। 6366.31 हेक्टेयर की फसल को नुकसान पहुंचा है।
गोरखपुर: दो-तीन दिन में कम हो सकता है उफनाई नदियों का जलस्तर, नेपाल से पानी आना हुआ कम
ऐसे में जिले में दो-तीन दिन में जलस्तर कम हो सकता है। अधिकारियों का कहना है कि सरयू नदी में पानी अधिक होने के कारण राप्ती नदी का पानी नीचे नहीं जा रहा है। इस वजह से जिले में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। सिंचाई विभाग के प्रमुख अभियंता एनसी उपाध्याय कई दिनों से गोरखपुर में डेरा डाले हुए हैं। वह लगातार बंधों का निरीक्षण कर मातहतों को आवश्यक निर्देश दे रहे हैं।
ऐसी है नदियों की स्थिति
जनपद में बहने वाली सरयू, राप्ती, कुआनो, गोर्रा नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। रोहिन का पानी नीचे उतरने लगा है, फिर भी वह खतरे के निशान से 70 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। सरयू नदी बरहज में खतरे के निशान से 1.60 मीटर ऊपर बह रही है। इस नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। कुआनो नदी खतरे के निशान से 1.04 मीटर ऊपर बह रही है। राप्ती नदी खतरे के निशान से बर्डघाट में 81 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। गोर्रा नदी खतरे के निशान से 40 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। सरयू नदी के जलस्तर में कमी आने के बाद ही राप्ती और गोर्रा के जलस्तर में कमी आ पाएगी।
सिंचाई मंत्री ने बंधे को देखा
सिंचाई मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह ने करमैनी बेलौली बंधे पर ठाठर नामक स्थान पर उतर कर लोगों से बात की। बंधे को देखा और विभागीय अधिकारियों से बात की। इसके बाद सहजनवां-डुमरिया बांध का निरीक्षण किया। सिंसई घाट पर बोल्डर पिचिंग, स्पर के कराए गए कार्यों को देखा। इस दौरान मंत्री के साथ सिद्धार्थनगर के सांसद जगदंबिका पाल, सहजनवां के विधायक प्रदीप शुक्ला, मेंहदावल के विधायक अनिल त्रिपाठी, खलीलाबाद के विधायक अंकुरराज त्रिपाठी मौजूद थे।
अभी बाढ़ की स्थिति विकट बनी हुई है। रोहिन नदी का जलस्तर नीचे आने लगा है। राप्ती नदी बलरामपुर में घटने लगी है। सरयू भी ऊपर से घटनी शुरू हो गई है। नेपाल का पानी जो गिरजापुरी बैराज से छोड़ा जा रहा था, वह कम हो गया है। इससे सरयू का पानी कम होगा, लेकिन अभी दो दिन का समय लग सकता है। किसी भी स्थिति से निपटने के लिए सिंचाई विभाग तैयार है।- दिनेश सिंह अधीक्षण अभियंता सिंचाई विभाग
सामूहिक किचन के माध्यम से बन रहा भोजन पैकेट
बिाढ़ प्रभावित लोगों को भोजन का पैकेट उपलब्ध कराने के लिए 1000 पैकेट कम्यूनिटी किचन में हर तहसील में तैयार किए जा रहे हैं। चार स्थानों पर राहत कैंप संचालित किए जा रहे हैं। इलाज के लिए 71 टीमें गठित की गईं हैं।