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रामगढ़ताल: चार महीने में हट जाएगा ताल की खूबसूरती पर लगा ये दाग, 1.29 करोड़ से होगा ये काम
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sun, 30 May 2021 10:51 AM IST
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जलकुंभी से पटा पड़ा है रामगढ़ताल।
- फोटो : अमर उजाला।
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गोरखपुर जिले के रामगढ़ताल की खूबसूरती पर दाग की तरह फैली जलकुंभी का चार महीने के भीतर सफाया हो जाएगा। गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने इसके लिए टेंडर जारी कर दिया है। जलकुंभी सफाई का काम एबीएस कंस्ट्रक्शन को मिला है। फर्म को प्राधिकरण की तरफ से वर्क आर्डर भी सौंप दिया गया है। शर्त रखी गई है कि फर्म को पहले महीने में ताल के 50 फीसदी हिस्से से जलकुंभी साफ कर देनी होगी। दूसरे महीने में और 25 फीसदी जबकि बाकी बची जलकुंभी की सफाई के लिए दो महीने मिलेंगे। जलकुंभी हटाने के इस काम में 1.29 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
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रामगढ़ताल।(फाइल)
- फोटो : अमर उजाला।
प्राधिकरण के मुताबिक फर्म ने सफाई का काम शुरू भी कर दिया है। दो मशीनें काम कर रही हैं। जल्द ही कई अन्य मशीनें भी आ जाएंगी। ताल में ब्लॉक बनाकर सफाई की जाएगी ताकि हवा का रुख बदलने पर जहां सफाई हो गई हो वहां दोबारा न जलकुंभी एकत्रित हो जाए।
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रामगढ़ताल
- फोटो : अमर उजाला।
चार महीने में जब ताल पूरी तरह साफ हो जाएगा तो फिर प्राधिकरण रोजाना ताल की निगरानी करेगा और कहीं भी जलकुंभी दिखाई पड़ने पर तत्काल उसकी सफाई करा दी जाएगी। साथ ही जहां-जहां से ताल में पानी गिरता है, वहां जाली लगाई जाएगी।
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रामगढ़ताल।
- फोटो : अमर उजाला।
बता दें कि करीब तीन महीने पहले रामगढ़ताल की देखरेख का काम जल निगम से रामगढ़ताल को हैंडओवर हुआ है। तभी से प्राधिकरण जलकुंभी की समस्या से परेशान था।
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रामगढ़ताल।
- फोटो : अमर उजाला।
ताल बड़ा होने और जलकुंभी का फैलना लगातार बढ़ने पर जीडीए ने इसकी सफाई प्रशिक्षित फर्म से कराने का निर्णय किया। इसके लिए टेंडर निकाला गया था जिसमें पांच फर्मों ने आवेदन किया था।
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