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चिंता: बीमारियों ने बढ़ाई बच्चों की मुसीबत, गोरखपुर के इन अस्पतालों में बढ़ती जा रही है मरीजों की संख्या

Fri, 10 Sep 2021 03:57 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Fri, 10 Sep 2021 03:57 PM IST
सार

वायरल फीवर, कालरा और डायरिया ने बढ़ाई बच्चों की मुसीबत। बीआरडी में भी बढ़ती जा रही है ऐसे मरीजों की संख्या। इंसेफेलाइटिस के भी मरीजों की संख्या में इजाफा।

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Viral fever Kalra and diarrhea increased trouble of children in Gorakhpur Medical College
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला।
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में वायरल फीवर, कालरा, डायरिया और इंसेफेलाइटिस से पीड़ित बच्चों की संख्या बढ़ती जा रही है। जिला अस्पताल से लेकर बीआरडी मेडिकल कॉलेज में ऐसे मरीज रोज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। यही वजह है कि जिला अस्पताल का बाल रोग विभाग लगभग फुल हो चुका है। हालांकि , राहत की बात यह है कि अब तक वायरल फीवर, डायरिया और कालरा से किसी भी बच्चे की मौत नहीं हुई है। जबकि, इंसेफेलाइटिस से मौत का आंकड़ा सात से नौ पहुंच गया है।  


जिला अस्पताल की ओपीडी में बाढ़ के कारण ओपीडी में बच्चों की संख्या थोड़ी घटी है। कोरोना महामारी के बीच जहां पहले ढाई सौ बच्चे इलाज के लिए आ रहे थे, वहीं अब यह संख्या 150-160 के बीच है। हालांकि, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अब तक 250 से अधिक बच्चे वायरल फीवर, डायरिया और कालरा के मिल चुके हैं।
Viral fever Kalra and diarrhea increased trouble of children in Gorakhpur Medical College
गोरखपुर जिला अस्पताल। - फोटो : अमर उजाला
जिला अस्पताल के 305 बेड के अस्पताल में 291 बेड सामान्य मरीजों के लिए हैं। इनमें 180 पर मरीज भर्ती हैं। बाल रोग विभाग की बात करें तो इंसेफेलाइटिस वार्ड के 15 बेड में सभी फुल हो चुके हैं। 17 बेड के पीडियाट्रिक आईसीयू (पीकू) में 14 बच्चे भर्ती हैं। वहीं 14 बेड का एक अन्य वार्ड हाल में ही बनाया गया है, जो इस वक्त भर चुका है।  
 
Viral fever Kalra and diarrhea increased trouble of children in Gorakhpur Medical College
बीआरडी मेडिकल कॉलेज - फोटो : amar ujala
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के 458 बेड वाले बाल रोग विभाग में 340 मरीज भर्ती हैं। इनमें 110 मरीज नवजात हैं जो 0 से 28 दिन के हैं। इसके अलावा करीब 15 से अधिक मरीज इंसेफेलाइटिस के हैं। इसके अलावा वायरल फीवर, डायरिया, कालरा जैसे बीमारी से ग्रसित बच्चे इलाज के लिए भर्ती हैं। बीआरडी मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. भूपेंद्र शर्मा ने बताया कि वायरल फीवर से बच्चे इलाज के लिए आ रहे हैं। लेकिन, अब तक मथुरा, फिरोजाबाद और आगरा जैसे केस नहीं मिले हैं। जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ जेएसपी सिंह ने बताया कि वायरल फीवर के मरीज तो बढ़े हैं, लेकिन राहत की बात यह है कि यह मरीज ज्यादा गंभीर नहीं हो रहे हैं। पांच से सात दिनों में ठीक हो जा रहे हैं।
 
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Viral fever Kalra and diarrhea increased trouble of children in Gorakhpur Medical College
प्रतीकात्मक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला।
इंसेफेलाइटिस से नौ की मौत, 123 मरीज मिले
इस साल इंसेफेलाइटिस मरीजों का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। इंसेफेलाइटिस से नौ मरीजों की मौत अब तक हो चुकी है, जबकि 123 मरीज मिल चुके हैं। साथ ही 117 गांव प्रभावित है। इन मौतों के बाद से विभाग के सामने इंसेफेलाइटिस को रोकना बड़ी चुनौती बन गई है, क्योंकि बाढ़ के कारण करीब दो लाख से अधिक की आबादी प्रभावित है। विशेषज्ञों का मानना है जैसे-जैसे बाढ़ का पानी कम होगा। वैसे-वैसे मरीजों की संख्या बढ़ सकती है। इसलिए इस वक्त ज्यादा एहतियात बरतने की जरूरत है।
 
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सीएमओ डॉ. सुधाकर पांडेय। - फोटो : अमर उजाला।
सीएमओ डॉ सुधाकर पांडेय ने बताया कि बच्चों में वायरल फीवर के लक्षण मिल रहे हैं। बाढ़ प्रभावित इलाकों के बच्चों को मौके पर ही जांच कर दवाएं दी जा रही हैं। अब तक वायरल फीवर से एक भी बच्चे की मौत नहीं हुई है। जिले में मथुरा, फिरोजाबाद और आगरा की तरह कोई केस भी नहीं मिले हैं। इंसेफेलाइटिस की रोकथाम के लिए टीम लगातार काम कर रही है।
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