अपना आराम छोड़कर दूसरों की सेहत का ख्याल रखने वाले शहर के डॉक्टर्स को उनके समर्पण भाव के लिए अमर उजाला की तरफ से डॉक्टर्स डे के अवसर पर रविवार की शाम सम्मानित किया गया।
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अमर उजाला आभार समर्पण का कार्यक्रम का उद्घाटन करते मुख्य अतिथि डॉक्टर मंगलेश श्रीवास्तव
- फोटो : अमर उजाला
होटल रेडिसन ब्लू मोहद्दीपुर में आयोजित कार्यक्रम आभार समर्पण में मेयर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव और बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. रामकुमार जायसवाल ने डॉक्टर्स को प्रशस्ति पत्र प्रदान किया।
कार्यक्रम की शुरूआत मुख्य अतिथि व अन्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन से हुई। मुख्य अतिथि मेयर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव ने कहा कि डॉक्टर को भगवान मानने के बजाय इंसान ही रहने दें। इससे चिकित्सा क्षेत्र में और बेहतर परिणाम आएंगे।
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अमर उजाला आभार समर्पण का कार्यक्रम का में सम्मानित स्पॉन्सर के साथ
- फोटो : अमर उजाला
व्यावसायिकता के दौर में डॉक्टर के सामने भी ढेर सारी चुनौतियां होती है। यह जरूरी है अपनी चुनौतियों को मरीज और तीमारदारों से भी साझा करें। मरीज और उनके परिजन यह सोचते हैं कि डॉक्टर ने चेकअप कर लिया तो मरीज को पूरी तरह से स्वस्थ होना ही है, जबकि ऐसा संभव नहीं है।
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अमर उजाला आभार समर्पण का कार्यक्रम में उपस्थित डॉक्टर।
- फोटो : अमर उजाला
डॉक्टर भी आम इंसान ही हैं और उन पर अपेक्षाओं का भार पहले से ही अधिक है। जब एक मरीज ऑपरेशन थिएटर में पहुंचता है तो जितनी घबराहट उसके परिजनों में होती है, उससे कई गुना दबाव डॉक्टर पर भी होता है। ये सारी बातें मरीजों को बताएंगे तो परिस्थितियां अनुकूल रहेंगी।
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अमर उजाला आभार समर्पण का कार्यक्रम में बच्चें।
- फोटो : अमर उजाला
विशिष्ट अतिथि बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. रामकुमार जायसवाल ने कहा कि चिकित्सा पेशा में मरीज और डॉक्टर के बीच मधुर संबंध और विश्वास का बने रहना बेहद जरूरी है। आज जब एक आदमी इलाज के बाद स्वस्थ होकर घर पहुंचता है तो भी उसकी पहली प्रतिक्रिया यही होती है कि ठीक तो हो गए, लेकिन इलाज में काफी खर्च हो गए।