वैष्णो देवी मंदिर में हुए हादसे में गोरखपुर जिले के चौरीचौरा इलाके के रामपुर बुजुर्ग गांव के पूर्व प्रधान सत्यप्रकाश सिंह के एकलौते बेटे डॉ. अरुण प्रताप सिंह (31) की भी मौत हो गई। जेल बाईपास रोड स्थित हिंद हॉस्पिटल के संचालक डॉ. अरुण अपनी पत्नी डॉ. अर्चना और दोस्तों के परिवार के साथ, देवी दर्शन करने गए थे। एक महीने पहले ही एक दिसंबर को उनकी शादी हुई थी।
वैष्णो देवी भवन हादसा: एक महीने में ही उजड़ गया डॉ. अर्चना की मांग का सिंदूर, बोलीं- 'अभी तो हाथों से नहीं छूटा था मेहंदी का रंग'
बच्चों से था खास लगाव
31 साल के डॉ. अरुण प्रताप सिंह बेहद शांत स्वभाव के थे। अपने हंसमुख अंदाज और मेहनत से वह मरीजों की आधी बीमारी पलभर में खत्म कर देते थे। 15 अगस्त और 26 जनवरी को होने वाले, ध्वजारोहण कार्यक्रम में डॉक्टर अपने पड़ोस के लोगों को जरूर बुलाते थे। उन्हें बच्चों से बहुत लगाव था। यही वजह रही कि हॉस्पिटल के बगल के रहने वाले प्रांजल वैष्णो देवी में भगदड़ और उसमें डॉक्टर की मौत की खबर देखकर रोने लगे। प्रांजल ने बताया 15 अगस्त व 26 जनवरी पर डॉक्टर अंकल बुलाकर बिस्कुट, चॉकलेट देते और सम्मानित करते थे। हॉस्पिटल के स्टाफ नील चौधरी व संजय कन्नौजिया समेत सभी ने कहा कि ऐसे डॉक्टर नहीं मिलेंगे। उनका व्यवहार अच्छा था। उनकी मौत की सूचना हिलाने वाली है। अस्पताल का स्टाफ सदमे में है।
सोशल मीडिया पर दोस्तों ने साझा किया दुख
करुण गुप्ता ने डॉ. अरुण की दो फोटो साझा कर लिखा कि मां वैष्णो देवी दरबार में हुई भगदड़ में मेरे बड़े भैया डॉ. अरुण प्रताप सिंह की मौत हो गई है। दिनेश अग्रहरि ने लिखा कि माता वैष्णो देवी के दरबार में हुई भगदड़ में डॉ. अरुण प्रताप सिंह के निधन पर गहरा शोक है। अतुल जायसवाल ने डॉक्टर के शादी में जाने और उनसे जुड़ी यादें साझा की हैं। लिखा कि डॉ. अरुण प्रताप सिंह अब हम लोगों के बीच में नहीं रहे।
सोशल मीडिया से बताया मां वैष्णो देवी के दरबार आया हूं
डॉ. अरुण प्रताप सिंह ने अपनी फेसबुक आईडी से शुक्रवार दोपहर में फेसबुक लाइव किया था। सबसे पहले कहा था कि वैष्णो माता के मंदिर में दर्शन करने जाते हुए, जय माता दी। पीली टी शर्ट पहने हुए थे और गले में मां की चुनरी डाले थे। वीडियो देखकर अंदाजा लग रहा कि वह कटरा के आसपास थे। 2 मिनट 24 सेकेंड के वीडियो में उन्हें फेसबुक पर अंतिम बार देखा गया था। इससे कुछ घंटों पहले निजी गाड़ी में बैठकर संगीत सुनते हुए वैष्णो देवी मंदिर जाने की बात कह रहे थे। गाड़ी में डॉ अरुण आगे की तरफ बैठे थे और पीछे की तरफ उनके अन्य साथी भी थे। 20 दिसंबर को अपनी सात साल पुरानी फोटो शेयर की और लिखा कि सेवन ईयर बैक।