वैष्णो देवी मंदिर परिसर में भगदड़ के दौरान गोरखपुर जिले के रामपुर बुजुर्ग निवासी डॉक्टर अरुण प्रताप सिंह की मौत के बाद रविवार की देर शाम शव को लेकर जैसे ही एंबुलेंस उनके घर की ओर मुड़ी वैसे ही चारों तरफ चीख पुकार मच गई। हर किसी की आंखों में आंसू थे और लोगों का चेहरा फीका पड़ गया था। एंबुलेंस से उतरते ही उनकी पत्नी डॉ. अर्चना सिंह अपने पिता और ससुर से लिपट कर बेसुध हो गईं। शाम को माणापार में उनका अंतिम संस्कार किया गया। पिता पूर्व प्रधान सत्यप्रकाश सिंह ने मुखाग्नि दी। कड़ाके की ठंड में भी अंतिम यात्रा में आसपास के कई गांव के लोग शामिल हुए।
2 of 5
डॉक्टर अरुण सिंह के शव का इंतजार करते ग्रामीण।
- फोटो : अमर उजाला।
जानकारी के मुताबिक, डॉक्टर अरुण प्रताप सिंह की मौत की खबर साल 2022 के पहले दिन ही मिलने के बाद रामपुर बुजुर्ग गांव में मातम का माहौल छा गया था। शनिवार को उनकी मौत की खबर मिलने के बाद से ही उनको जानने वालों का उनके दरवाजे पर तांता लग गया जो रविवार तक जारी रहा।
3 of 5
डॉक्टर अरुण सिंह का शव लेकर घर पहुंचा एंबुलेंस।
- फोटो : अमर उजाला।
डॉक्टर अरुण की मौत से उनका परिवार, रिश्तेदार ही नहीं पूरे इलाके के लोग दुखी हैं। जब से उनकी मौत की खबर मिली तभी से गांव के तमाम घरों में चूल्हे भी नहीं जले। गांव की महिलाएं व पुरुष रविवार की सुबह से ही उनके दरवाजे पर एकत्रित होकर शव का इंतजार करते रहे। उनके जानने वाले शव के पहुंचने का पल- पल लोकेशन लेते रहे।
4 of 5
देर रात डॉक्टर अरुण सिंह का अंतिम संस्कार किया गया।
- फोटो : अमर उजाला।
देर शाम लगभग नौ बजे शव को लेकर एंबुलेंस जैसे ही उनके घर के सड़क पर मुड़ी चारों तरफ कोहराम मच गया। डॉक्टर अरुण प्रताप सिंह के शव के साथ जम्मू से आई उनकी पत्नी डॉक्टर अर्चना एंबुलेंस से उतरते ही अपने पिता उदयभान सिंह और ससुर सत्य प्रकाश सिंह से लिपटकर बेसुध हो गईं। गांव की महिलाओं और रिश्तेदारों ने उनको किसी तरह संभाला और घर मे ले गए। डॉक्टर अर्चना का रो-रोकर बुरा हाल था। इसके अलावा उनकी माता तारा देवी भी बेहोश हो रहीं थीं।
5 of 5
पत्नी के साथ डॉक्टर अरुण सिंह की फाइल फोटो।
- फोटो : अमर उजाला।
जनप्रतिनिधि व आसपास के लोगों का लगा रहा तांता
रविवार को उनके घर सहजनवां के पूर्व विधायक और भाजपा नेता जीएम सिंह, सत्यदेव सिंह उर्फ बब्लू, चिल्लू पाठक, शेषनाथ तिवारी, संजय पाठक, राज किशोर तिवारी, जावेद आलम, विद्या सागर सिंह, बड़कू उपाध्याय सहित तमाम लोगों ने उनके पिता को ढांढस बंधाया।