गोरखपुर जिले में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर चल रही मतगणना का काम तीसरे चरण में सोमवार की देर शाम जाकर पूरा हुआ। मतदान की ही तरह मतगणना पूरी कराने में भी प्रशासन को पसीना छूट गया। संक्रमण के भय और अव्यवस्था से रुबरु हो चुके पहले चरण के तमाम कर्मचारी, सोमवार की सुबह आठ बजे शुरू हुई तीसरे चरण की गणना में ड्यूटी पर ही नहीं आए।
UP Panchayat Election Result 2021: तीसरे चरण में आ सके नतीजे, मतगणना पूरी कराने में प्रशासन को छूटा पसीना
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कई ने अपना मोबाइल फोन ही बंद कर लिया। तो कई ने पहले चरण की ड्यूटी के लिए मिलने वाले मानदेय की भी परवाह नहीं की। प्रशासन को इसका अंदेशा था कि तीसरे चरण में कई कर्मचारी नहीं लौट सकते हैं। यही वजह है कि कुछ ब्लॉकों पर पहले चरण के कर्मचारियों को मानदेय नहीं दिया गया था। उन्हें आश्वस्त किया गया था कि तीसरे चरण की गिनती पूरी होते ही दोनों चरणों का मानदेय उन्हें सौंप दिया जाएगा। मगर कोरोना संक्रमण के भय से कर्मचारियों ने मानदेय की परवाह करने के बजाए अपने स्वास्थ्य की परवाह की।
यही नहीं रविवार की पूरी रात गणना करने वाले दूसरे चरण के कई कर्मचारियों का मान- मनौव्व्ल कर प्रशासन ने उनसे तीसरे चरण में भी गिनती कराई। उधर कुछ ब्लाकों में कर्मचारियों की भारी कमी से मतगणना प्रभावित होने लगी तो आनन-फानन पंचायतीराज विभाग के सफाई कर्मचारियों को बुला-बुलाकर उनकी ड्यूटी लगाई गई। जैसे ही उन्होंने गिनती शुरू की प्रत्याशियों व एजेंटों ने विरोध शुरू कर दिया। उनका कहना था कि इनकी तैनाती क्षेत्र में रहती है, ऐसे में वे प्रभावित हो सकते हैं। कुछ जगहों पर तो टेबल बदलवाई गई।
उधर खोराबार ब्लॉक में आनन-फानन दोपहर के वक्त कोविड कमांड कंट्रोल रूम में तैनात आधा दर्जन कर्मचारियों को मतगणना में लगाया गया। कई ब्लाकों पर कर्मचारियों ने मतगणना स्थल पर अव्यवस्था का भी आरोप लगाया। उनका कहना था कि रात को न तो ढंग का खाना मिला न साफ पानी। शौच आदि के लिए भी काफी दिक्कत हुई। कोविड प्रोटोकॉल का पूरी तरह से पालन नहीं हो पाने की वजह से उनकी सांसें टंगी रही। कुछ ने तो घर लौटते ही खुद को आइसोलेट कर लिया तो कुछ ने बुखार व थकान की शिकायत की जिसपर उनके घर वालों ने उपचार शुरू किया। उधर अपने बूथों के इंतजाम में तमाम प्रत्याशी और उनके एजेंट रविवार की रात भर मतगणना स्थल पर जमे रहे। इनमें कई तो ऐसे रहे जो भूखों अपनी बारी आने का इंतजार करते रहे।
दूसरे दिन दोपहर से शुरू हुए जिला पंचायत सदस्य के नतीजे आने
मतगणना के पहले दिन रविवार को जिला पंचायत सदस्य पद के किसी भी वार्ड का नतीजा नहीं आ सका। यहां तक की रात 10 बजे तक प्रधान के 1294 पदों में से सिर्फ 375 और बीडीसी के 1700 पदों में से 320 पदों का ही परिणाम आ सका था। अगले दिन सोमवार की रात नौ बजे तक प्रधान के 1269 और बीडीसी के 1630 पदों का परिणाम आ गया था। दोपहर तीन बजे के आस-पास जिला पंचायत सदस्य पद के नतीजे आने शुरू हुए। रात नौ बजे तक ज्यादातर वार्डों के नतीजे आ गए थे। कुछ ही वार्ड के नतीजे आने बचे थे। आधी रात तक सभी पदों के नतीजे आ गए। तीसरा चरण सोमवार की रात आठ बजे खत्म होने वाला था। मगर नतीजे करीब देख प्रशासन के अनुरोध पर इसी चरण के कर्मचारियों ने पूरा मतगणना संपन्न कराई। मतगणना में लगे कर्मचारियों को अपने घर पहुंचने में भोर हो गया।