लॉकडाउन में उत्तराखंड के पहाड़ों पर फौज-फाटे के साथ घूमने के लिए महराजगंज की नौतनवां सीट से निर्दलीय विधायक अमनमणि त्रिपाठी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पूर्वाश्रम के पिता के नाम का दुरुपयोग किया। मौखिक ही नहीं इस संबंध में उन्होंने उत्तराखंड सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव ओमप्रकाश से देहरादून के अपर जिलाधिकारी के नाम बदरीनाथ/केदारनाथ जाने के लिए पत्र भी जारी करवा लिया। इसके आधार पर अपर जिलाधिकारी देहरादून ने भी अनुमति पत्र जारी कर दिया। यह दोनों पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं।
सीएम योगी के पूर्वाश्रम के पिता के नाम का दुरुपयोग कर अमनमणि ने बनवाए थे पास, ऐसे हुआ खुलासा
उल्लेखनीय है कि लॉकडाउन की वजह से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने पूर्वाश्रम के पिता के अंतिम संस्कार नहीं गए। इसके उलट निर्दलीय विधायक ने उनके नाम पर लॉकडाउन का उल्लंघन किया। उत्तराखंड सरकार उनपर मेहरबान क्यों रही, यह बड़ा सवाल है। किसके कहने एसीएस ओमप्रकाश ने पत्र जारी किया, यह बड़ा सवाल भी उत्तराखंड की फिजाओं में तैर रहा है।
इस बाबत एसीएस ओमप्रकाश से उनका पक्ष जानने की कोशिश की गई,मगर उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। नौतनवां से विधायक अमनमणि त्रिपाठी के नाम पर उत्तराखंड के अपर मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने जो पास जारी किया था, वह सात मई तक वैध है। इसके मुताबिक विधायक अपने 10 दोस्तों के साथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के स्वर्गीय पिता के पितृ कार्य से दो मई को देहरादून से श्रीनगर जाएंगे। तीन गाड़ियों से जाने की अनुमति दी गई।
तीन मई को श्रीनगर से बदरीनाथ, पांच मई कोबदरीनाथ से केदारनाथ और सात मई को केदारनाथ से बदरीनाथ आएंगे। बदरीनाथ जी के तो अभी कपाट भी नहीं खुले हैं। हालांकि वे वहां पहुंचते इससे पहले ही, यात्रा के रास्ते में ही कुछ ईमानदार अफसरों के चलते अमनमणि को न केवल लौटना पड़ा,बल्कि विधायक सहित गोरखपुर और महराजगंज के कई लोगों के खिलाफ महामारी अधिनियम, लॉकडाउन के उल्लंघन का केस दर्ज हो गया। इस सिलसिले में विधायक अमनमणि से मोबाइल फोन पर बात करने की कोशिश की गई, लेकिन फोन उठा नहीं।
जय प्रकाश तिवारी, हुंमायूपुर दक्षिणी गोरखपुर के मायाशंकर सिंह, विकासनगर गोरखनाथ के मनीष कुमार सिंह, सूबा बाजार खोराबार के संजय कुमार सिंह, बिछिया कॉलोनी शाहपुर गोरखपुर के रितेश यादव, बैकुंठपुर महराजगंज के उमेश चौबे, ओम प्रकाश यादव, अजय यादव (गनर), सियारामपुर गुलरिहा के ओम प्रकाश पासवान (गनर) और विनय सिंह।