गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में जूनियर डॉक्टर डॉ. अबिषो की मौत के बाद शनिवार को परिजन कॉलेज में पहुंचे। शव का पोस्टमॉर्टम कराने के बाद उसे केरल लेकर चले गए। इस दौरान पुलिस ने उनसे पूछताछ की। बताया जा रहा है कि डॉक्टर को नींद कम आती थी। उन्हें फोटोग्राफी का शौक था, आखिरी बार उन्होंने बृहस्पतिवार रात में सेल्फी पत्नी को भेजी थी।
शनिवार सुबह डॉ. अबिषो के भाई डॉ. अभिनव डेविड, ससुर सेल्वेराम व साला प्रजीत मेडिकल कॉलेज पहुंचे। सबसे पहले तीनों हॉस्टल में पहुंचे और कमरे को देखा। इसके बाद एनेस्थीसिया विभाग पहुंचकर विभागाध्यक्ष के साथ बैठकर घटना की जानकारी ली। इस दौरान सीओ गोरखनाथ रवि कुमार सिंह व गुलरिहा इंस्पेक्टर जितेंद्र कुमार सिंह मौजूद रहे।
2 of 12
डॉ व उसकी पत्नी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पंचनामा की कार्यवाही पूरी होने के बाद वे 100 बेड पीजी बॉयज हॉस्टल पहुंचे, जहां कमरे के अंदर रखे सामान की जांच पड़ताल की गई। इसके बाद एनाटॉमी विभाग में रखे शव को पोस्टमार्टम हाउस ले जाया गया।
3 of 12
चिकित्सक के परिजन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
डॉ. अबिषो के पिता डेविड मिलिट्री से सेवानिवृत्त हैं। बड़े भाई डॉ. अभिनव डेविड त्रिवेंद्रम में आर्थो के चिकित्सक हैं। डॉ. अबिषो के ससुर सेल्वेराम ने बातचीत में बताया कि वह खुद मिलिट्री से सेवानिवृत्त हैं। उन्होंने बेटी निमिषा की शादी डेढ़ वर्ष पहले की थी।
4 of 12
मृतकचिकित्सक का भाई सीओ गोरखनाथ के साथ
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बीआरडी से डॉ. अबिषो के पिता के नंबर पर काॅल की गई थी लेकिन बात नहीं हुई। इसके बाद बेटी के नंबर पर फोन आया और बताया कि डॉ. अबिषो के साथ एक हादसा हो गया है। इसके बाद घरवालों को यह जानकारी दी गई। आनन-फानन में तिरुवनंतपुरम से फ्लाइट से वाया दिल्ली, लखनऊ होते हुए सुबह गोरखपुर पहुंचे।
5 of 12
पत्नी डॉ. निमिषा के साथ डॉॅ. अबिषो डेविड।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
नींद न आने की वजह से लेते थे अल्कोहल..डर ओवरडोज का
ससुर सेल्वेराम ने बताया कि दामाद को कुछ दिनों से नींद की समस्या आ रही थी। इसकी वजह से वह तीन चार दिनों तक सो नहीं पाते थे। इसके लिए उन्होंने अल्कोहल लेना शुरू कर दिया। आशंका है कि नींद लाने के लिए उन्होंने कई दवाओं का उपयोग शुरू कर दिया। शायद घटना की रात किसी दवा के ओवरडोज होने से मौत हो गई। जबकि भाई अभिनव ने बताया कि वह कुछ दिनों से परेशान थे लेकिन ऐसी कोई विशेष बात नहीं थी कि आत्महत्या कर लें।