मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत 51000 रुपये प्रति जोड़े की शादी पर खर्च किया जाता है। इसमें 35000 रुपये कन्या के खाते में भेजा जाता है। प्रत्येक वैवाहिक जोड़े के लिए 10000 रुपये का सामान खरीद कर उन्हें उपहार स्वरूप दिया जाता है। इसके अलावा छह हजार रुपये कार्यक्रम के आयोजन पर खर्च किए जाते हैं।
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बच्चों को दूध पिलाने के लिए खास कमरा
कलेक्ट्रेट की नई इंटीग्रेटेड इमारत और श्रम कार्यालय परिसर में प्रस्तावित एकीकृत मंडलीय कार्यालय की इमारत में महिलाओं का विशेष ध्यान रखा गया है। बच्चों को दूध पिलाने वाली कर्मचारियों, फरियादियों के लिए एक अलग कमरा होगा, जहां वे अपने शिशु को दुग्धपान करा सकेंगी। इसके अलावा बच्चों के लिए एक किड जोन भी होगा।
जनपद में एक लाख से अधिक को वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत लाभान्वित किया जा रहा है। पूर्व में 400 रुपये पेंशन मिलती थी, जिसे बढ़ाकर अब 500 रुपये कर दिया गया है। वृद्धावस्था पेंशन के लिए वेबसाइट sspy.up.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा।
निराश्रित विधवा पेंशन भरण पोषण अनुदान योजना के तहत ऐसी महिला जिनके पति का निधन हो चुका है और उनकी आयु 18 वर्ष से 60 वर्ष तक है तथा प्रतिमाह आमदनी एक हजार रुपये से अधिक नहीं है और बेटा या बेटी की आयु 20 वर्ष से कम है, उन्हें योजना का लाभ मिलता है। बच्चों के पालन-पोषण के लिए व शिक्षा के लिए हर महीने 800 रुपये पेंशन अनुदान के तौर पर दिए जाते हैं।
अब कोटे की दुकानों की बागडोर भी महिलाओं के हाथों में
राष्ट्रीय आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत स्वयं सहायता समूहों को और सशक्त करने के लिए उन्हें कोटे की दुकानों का संचालन भी सौंपा जा रहा है। 24 से अधिक दुकानें समूह की महिलाएं संचालित कर रही हैं। यही नहीं सामुदायिक शौचालयों के संचालन व उनकी देखरेख की जिम्मेदारी भी समूह की महिलाओं को दी जा रही है।
जमीन या मकान की रजिस्ट्री कराने में भी महिलाओं को छूट मिलती है। यदि किसी महिला के नाम पर 10 लाख रुपये तक की संपत्ति की रजिस्ट्री होती है तो उसे स्टांप ड्यूटी में दो फीसदी की छूट मिलती है।
पासपोर्ट: महिलाओं के लिए नाम बदलना हुआ आसान
महिलाओं को पासपोर्ट में अपना नाम बदलने के लिए शादी व तलाक सर्टिफिकेट जमा नहीं करने होंगे। महिलाएं पासपोर्ट आवेदन पर अपना नाम, माता-पिता का नाम लिख सकती हैं। क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय में संपर्क करके छूट का लाभ लिया जा सकता है।