गोरखपुर हंगामे, बवाल और मारपीट के बीच गुरुवार को ब्लॉक प्रमुख पद के लिए हुए नामांकन में 20 में से 16 ब्लॉक में भाजपा समर्थित प्रत्याशियों का निर्विरोध निर्वाचन तय हो गया है। पांच ब्लॉक में सीधा मुकाबला होगा। शुक्रवार को खजनी ब्लॉक से रंजना सिंह ने पर्चा वापस ले लया है। ऐसे में यहां भाजना उम्मीदवार अंशु सिंह निर्विरोध हो गई हैं।
गोरखपुर ब्लॉक प्रमुख चुनाव: जानिए कौन हैं वो 17 भाजपा प्रत्याशी धुरंधर, जिनका निर्विरोध निर्वाचन है तय
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उरुवां ब्लॉक में पूरी कोशिश के बाद भी निर्विरोध निर्वाचन को लेकर खजनी के भाजपा विधायक संत प्रसाद राजनीतिक गोटी नहीं सेट कर पाए। वहां से विधायक की बहू वार्ड संख्या 45 से निर्वाचित शांति बेलदार ने दो सेट में पर्चा भरा। उनके खिलाफ वार्ड संख्या 46 से निर्वाचित प्रभावती देवी ने दो सेट में नामांकन पत्र दाखिल किया। बवाल की आशंका में सुबह से ही वार्ड में बड़ी संख्या में पुलिस मौजूद रही, हालांकि पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्वक बीती।
भटहट : राधेश्याम की पुत्रवधू के खिलाफ कोई खड़ा नहीं हुआ
बीज एवं प्रमाणिकता विभाग के प्रदेश उपाध्यक्ष राधेश्याम सिंह की पुत्रवधू रेखा सिंह का निर्विरोध ब्लॉक प्रमुख बनना तय है। उनके खिलाफ किसी ने पर्चा ही नहीं भरा। वार्ड नंबर 10 से सदस्य निर्वाचित रेखा 315 वोट से विजयी हुई थीं। उन्हें 618 वोट मिले थे।
पिपरौली ब्लॉक से भाजपा समर्थित प्रत्याशी कालेसर निवासी दिलीप कुमार यादव 2010 से 2020 तक दो बार प्रधान रहे हैं। इस बार 2021 में महिला सीट होने की वजह से उनकी पत्नी रेनू यादव प्रधान निर्वाचित हुईं। अब दिलीप का निर्विरोध ब्लॉक प्रमुख बनना तय है। उनके खिलाफ किसी ने पर्चा ही नहीं भरा। उन्हें पूर्व ब्लॉक प्रमुख ममता दूबे, संजय दूबे, सतपाल सिंह, अश्विनी त्रिपाठी आदि ने बधाई दी है।
बवाल की आशंका में खजनी ब्लॉक पर पुलिस सुबह से ही मुस्तैद रही। सीओ इंदू प्रभा सिंह व थानाध्यक्ष अजय कुमार मौर्य खुद नामांकन प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी के लिए पूरे समय जमे रहे। यहां पूर्व मुख्यमंत्री स्व. वीर बहादुर सिंह के भाई गुलाब सिंह की पुत्र वधू भाजपा समर्थित अंशु सिंह ने नामांकन किया। उनके खिलाफ निर्दल उम्मीदवार रंजना सिंह पत्नी अमित सिंह ने नामांकन किया। हालांकि शुक्रवार को रंजना सिंह ने अपना पर्चा वापस ले लिया है। भाजपा समर्थित प्रत्याशी अंशु सिंह ने कहा कि वह अपनी जीत को लेकर आश्वस्त हैं। कहा कि उनके ससुर गुलाब सिंह व पति सुरेंद्र बहादुर सिंह 35 साल तक ब्लॉक प्रमुख रहे हैं। उन्होंने जनता की सेवा की और जनता ने भी बहुत सम्मान दिया।