रेल लाइन के किनारे अगर पतंगबाजी करते पकड़े गए तो दो साल जेल की हवा खानी पड़ सकती है। पूर्वोत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल में गोरखपुर से लखनऊ तक ट्रैक के ऊपर से जा रहे 25 हजार वोल्ट के बिजली तार में पतंग और चाइनीज मंझे के फंसने से फाल्ट की घटनाएं बढ़ गई हैं। कई बार फाल्ट के चलते ट्रेन रोकनी पड़ी हैं। इसे देखते हुए रेल प्रशासन ने धरपकड़ के लिए अभियान चलाया है। आगे की स्लाइड्स में देखें तस्वीरें...
रेल लाइन के किनारे पतंगबाजी करना पड़ेगा भारी, पकड़े जाने पर भुगतनी होगी ये सजा
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यहां सबसे ज्यादा होती है पतंगबाजी
पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ मंडल में ऐशबाग-डालीगंज स्टेशन के बीच पतंगबाजों द्वारा स्टील वॉयर, चाइनीज धागों द्वारा पंतग उड़ाने से 25,000 वोल्ट ए.सी विद्युतकर्षण का हाईटेंशन वायर के टूटने की घटनाएं बहुत बढ़ गई हैं। उक्त रेल ट्रैक के ऊपर 25,000 वोल्ट ए.सी विद्युतकर्षण का हाईटेंशन वायर है, जिसमें पतंग के धागे फंस जाते है तथा स्टील वायर का हाईटेंशन वायर के संपर्क में आने से विद्युत करेंट लगने से जान व माल की हानि की संभावना बनी रहती है।
पतंग के धागे से 25,000 वोल्ट हाईटेंशन वायर में उलझने से ब्लास्ट भी होता है। जिससे विद्युत ट्रिपिंग के साथ-साथ ओएचई वायर टूटने का खतरा भी बना रहता है। जिसके कारण रेल यातायात प्रभावित होता है तथा रेल राजस्व की हानि होती है।
डीआरएम ने दिए पेट्रोलिंग के निर्देश
डीआरएम लखनऊ मोनिका अग्निहोत्री ने पेट्रोलिंग के निर्देश दिए हैं। ऐशबाग-डालीगंज स्टेशन के अलावा गोंडा, बस्ती, जगतबेला, डोमिनगढ़ के पास पतंग उड़ाने वालों के रोकथाम के लिए रेल सुरक्षा बल तथा विद्युत (टीआरडी) विभाग द्वारा नियमित रूप से पेट्रोलिंग कराई जा रही है। रेल खंड पर नजर रखने तथा सावधानियों के पालन हेतु कर्मचारियो को निर्देश दिए गए हैं।
दो वर्ष सजा का प्रावधान
रेल परिचालन में व्यवधान पैदा करने पर रेलवे अधिनियम की धारा 174 के तहत मुकदमा पंजीकृत होगी। इसके तहत दो साल की सजा व जुर्माने से दंडित करने का प्रावधान है।