गोरखपुर जिले में कोरोना संक्रमण की रफ्तार पिछले साल की तुलना में इस साल ज्यादा है। पिछले साल 25 अक्तूबर को 132 मरीज मिले थे। इसके सात माह बाद अप्रैल में सोमवार को फिर 132 नए मरीज मिले हैं। राहत की बात यह है कि किसी भी मरीज की मौत नहीं हुई है।
गोरखपुर में बढ़ा कोरोना का खतरा: इस साल मरीजों के मिलने का टूटा रिकॉर्ड, जानिए कितने मिले संक्रमित
पिछले साल अप्रैल में एक भी मरीज नहीं मिले थे। इस बार संक्रमण की रफ्तार शहर में ज्यादा है। सोमवार को मिले मरीजों में 79 लोग शहर के हैं, जबकि 50 ग्रामीण क्षेत्रों से हैं। संक्रमितों में से दो मुंबई से आए हैं। इनकी जांच एयरपोर्ट पर की गई है।
सीएमओ डॉ. सुधाकर पांडेय ने बताया कि 132 नए मरीज मिलने के बाद जिले में संक्रमितों की संख्या 22,247 हो गई है। इनमें 21,242 लोग स्वस्थ हो चुके हैं। मौत का आंकड़ा 368 है। वहीं, एक्टिव केस 637 हो गए हैं। शहरी थाना क्षेत्र में कुल 79 नए मरीज मिले हैं। शहरी थाना क्षेत्रों में सबसे अधिक कैंट 23, शाहपुर 17, गोरखनाथ 17, कोतवाली 16, तिवारीपुर दो, रामगढ़ताल तीन और राजघाट में एक नया मरीज मिला है।
ग्रामीण थाना क्षेत्र में 50 मरीज मिले हैं। इनमें सरदारनगर, कौड़ीराम, बेलघाट, पिपरौली, बांसगांव, सहजनवां में एक-एक, गोला, भटहट, खजनी, पाली में दो-दो, चरगावां में सर्वाधिक 18, खोराबार में छह, पिपराइच में तीन और उरुवा में नौ नए मरीज मिले हैं। इसके अलावा तीन मरीज अलग-अलग थाना क्षेत्रों के हैं। सीएमओ ने कहा कि लगातार मरीजों की संख्या बढ़ रही है। ऐसे में लोग सतर्क रहें और सुरक्षित रहते हुए कोविड प्रोटोकाल का पालन करें।
स्वास्थ्य विभाग की सूची पर बनेगा कंटेनमेंट जोन
कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए शासन की ओर से कंटेनमेंट जोन बनाने के निर्देश मिले हैं। अब स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। स्वास्थ्य विभाग प्रशासन को नए सिरे से कंटेनमेंट जोन की सूची उपलब्ध कराएगा। मंगलवार से इसकी शुरुआत होगी। शहर में कंटेनमेंट जोन बनाना प्राथमिकता में रहेगा। सीएमओ ने बताया कि संक्रमण को रोकने के लिए कंटेनमेंट जोन बनाए जाएंगे। एक मरीज मिलने पर उस एरिया में 20 घर कंटेनमेंट जोन में शामिल होंगे। एक से अधिक मरीज मिलने पर 60 घरों को कंटेनमेंट जोन में शामिल किया जाएगा। प्रशासन को इसकी सूची उपलब्ध कराई जाएगी। प्रशासन की मदद से कंटेनमेंट जोन बनेंगे। इस जोन में शामिल लोगों की कोरोना जांच अनिवार्य रूप से की जाएगी।