गोरखपुर जिले में लगातार दूसरे दिन एक हजार से ज्यादा संक्रमित मरीज मिले हैं। 24 घंटे के अंदर जो रिपोर्ट आई है उसके मुताबिक 1078 नए मरीज मिले हैं। इसके साथ ही बीआरडी मेडिकल कॉलेज और निजी अस्पतालों में 17 मरीजों की मौत भी हुई है। इसमें नौ गोरखपुर के रहने वाले थे जबकि आठ अन्य जिलों के निवासी बताए जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने 24 घंटे के अंदर पोर्टल पर चार मौतों के आंकड़े को अपलोड किया है जबकि दो का विवरण जारी किया है। इसके बाद से मृतकों की संख्या 409 हो गई है।
गोरखपुर में कोरोना का कहर जारी: 24 घंटे में 17 की मौत, 1078 मिले पॉजिटिव मरीज
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सीएमओ डॉ. सुधाकर पांडेय ने बताया कि कोरोना का संक्रमण जारी है। शुक्रवार को देहात क्षेत्र के मुकाबले शहरी क्षेत्र में अधिक संक्रमित मिले हैं। ग्रामीण क्षेत्र में शुक्रवार को 404 मरीज मिले हैं। वहीं शहरी क्षेत्र में 622 संक्रमित मिले। 52 मरीज अलग-अलग थाना क्षेत्रों के हैं। इसके बाद संक्रमितों की संख्या 33785 हो गई है। इसमें 25041 लोग स्वस्थ भी हुए हैं। करीब साढ़े आठ हजार लोग अभी भी संक्रमण की चपेट में हैं। एक्टिव केस 8335 तक पहुंच गया है। सीएमओ ने अपील की है कि लोग कोविड प्रोटोकाल का पालन करें। तभी कोरोना से जंग जीती जा सकती है।
17 मौतों में से नौ गोरखपुर के निवासी थे
बीआरडी मेडिकल कॉलेज और निजी अस्पतालों में मिलाकर 24 घंटे के अंदर 17 संक्रमित मरीजों की मौत हुई है। इनमें जिले के रुस्तमपुर के रहने वाले 65 वर्षीय बुजुर्ग, 56 वर्षीय महिला, प्रीत बिहार कॉलोनी की 50 वर्षीय महिला, शाहपुर की 61 वर्षीय महिला, बेतियाहाता के 71 वर्षीय बुजुर्ग, शिवमंदिर के निकट रहने वाली 58 वर्षीय महिला शामिल हैं। इसके अलावा जिले के तीन अन्य की मौत निजी अस्पतालों में हुई है। इसके अलावा देवरिया के 70 और 60 वर्षीय पुरुष, संतकबीरनगर की 58 वर्षीय महिला, महराजगंज का 63 वर्षीय बुजुर्ग, बिहार की महिला और दिल्ली के 60 वर्षीय व्यक्ति की मौत बीआरडी मेडिकल कॉलेज में हुई है।
667 ने जीती कोरोना से जंग
कोरोना संक्रमण के बीच 667 ने शुक्रवार को कोरोना से जंग जीत ली है। सीएमओ डॉ सुधाकर पांडेय ने बताया कि होम आइसोलेशन में रहने वाले लोग कोविड प्रोटोकाल का पालन करते हुए कोरोना से जंग जीत रहे हैं। यह अच्छी बात है। कोरोना से डरने की जरूरत नहीं है।
जिले में रेमडेसिविर इंजेक्शन की आपूर्ति अब भी ठीक नहीं हो सकी है। शुक्रवार को महज 30 वायल रेमडेसिविर ही उपलब्ध हो सका है। इसके बाद डीएम ने 80 वायल का इंतजाम कराया। कुल 110 वायल ही बाजार में मौजूद रहा जबकि एक हजार से अधिक वायल की मांग रही। इस कारण ज्यादातर मरीजों के परिजनों को निराश होकर वापस लौटना पड़ा। वहीं, दूसरी ओर भालोटिया मार्केट में करीब 1500 से अधिक पत्ते फेबिफ्लू दवा के आ गए हैं। ऐसे में लोगों को फेबिफ्लू के लिए परेशान होने की जरूरत नहीं है। ड्रग इंस्पेक्टर जय सिंह ने बताया कि इंजेक्शन की उपलब्धता सुनिश्चित कराने की लगातार कोशिशें की जा रही हैं।