कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए भारत नेपाल के सोनौली बॉर्डर पर थर्मल स्कैनर मशीन छह दिन बाद लगाकर सोमवार से जांच शुरू कर दी गई। सीएमओ डॉ. एके श्रीवास्तव की मौजूदगी में डॉक्टरों ने थर्मल स्कैनर से लोगों की जांच की। लोग मशीन के सामने से गुजरते गए और जांच की प्रक्रिया कम समय में पूरी होने लगी है।
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- फोटो : अमर उजाला।
सोमवार की दोपहर सीएमओ के नेतृत्व में कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए चिकित्सकों की एक टीम ने भारत नेपाल की प्रमुख सीमा सोनौली पहुंची। कोरोना वायरस जांच कैंप में थर्मल स्कैनर मशीन लगा दी गई। यह मशीन 5 फीट की दूरी से ही यात्रियों की जांच कर वायरस का पता लगा लेती है। होली के दिन यह मशीन आई थी। लेकिन तकनीकी खराबी के कारण वापस कर दी गई थी।
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सीएमओ ने बताया कि सोनौली में यात्रियों की आवाजाही को देखते हुए सरकार के निर्देश पर स्कैनर मशीन लगाई गई है। इस मशीन से यात्रियों की जांच करने में समय की बचत होगी। यह मशीन अत्याधुनिक है। यात्रियों के सामने से गुजरने पर यह लक्षण के बारे में बता देगी। उधर, जिला अस्पताल में जापान से आए एक युवक को आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया है। उसके पिता को भी अलग वार्ड में रखा गया है, जिससे उसकी निगरानी बेहतर ढंग से हो सके।
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इसके अलावा युवक के घर वालों को भी सुझाव दिया गया है कि वह घर से बाहर न निकलें। जिला अस्पताल में डॉक्टरों की टीम युवक की निगरानी में जुटी है। डिप्टी सीएमओ डॉ. आईए अंसारी ने बताया कि युवक को भर्ती कर निगरानी की जा रही है। युवक को बुखार नहीं है। लेकिन खांसी आ रही है। जांच के लिए नमूना लेकर लैब में भेजा जाएगा। रिपोर्ट आने के बाद ही लक्षण के बारे में जानकारी हो सकेगी।
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11589 यात्रियों की जांच हुई
नो मेंस लैंड के दोनों तरफ भारत और नेपाल के चिकित्सकों ने कोरोना वायरस की जांच के लिए कैंप लगाया है। भारत से नेपाल आने जाने वाले नागरिकों की स्क्रीनिंग की जा रही है। डॉ. अमित कुमार ने बताया कि 11589 यात्रियों की जांच हुई।