राज्य अध्यापक पुरस्कार के लिए चुनीं गईं गोरखपुर जिले की प्राथमिक विद्यालय सिक्टौर की सहायक अध्यापिका श्वेता सिंह ने नवाचारों को बढ़ावा देकर पढ़ाई के पूरे माहौल को ही बदल दिया। वे कक्षा में गणित सिखाने के लिए बच्चों को कंचे, माचिस की तीली और पुआल तक का इस्तेमाल कर, उसे रोचक बनाती हैं।
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शिक्षक दिवस 2020(फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला।
श्वेता सिंह शादी के पुराने कार्ड से स्टार बनाकर बच्चों से वर्ष पर्यंत तरह-तरह की शैक्षिक क्रियाओं में शामिल कर उनका उत्साहवर्धन करती हैं। इसी का नतीजा रहा है कि उनके विद्यालय में नामांकन के सापेक्ष बच्चों की उपस्थिति का ग्राफ साल दर साल बढ़ता रहा है। वहीं विद्यालय के हर कक्षा के बच्चे गणित विषय में टॉप करते हैं।
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शिक्षक दिवस 2020(फाइल फोटो)
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अमर उजाला से बातचीत में श्वेता ने बताया कि विद्यालय पर उन्हें वर्ष 2010 में तैनाती मिली। शुरुआत में बच्चों से बेहतर संवाद स्थापित करने के लिए उन्होंने बच्चों से ही भोजपुरी सीखी। उसके बाद कक्षा में पढ़ाई के लिए वे अक्सर स्थानीय भाषा का इस्तेमाल करती हैं। उन्होंने स्कूल की दीवारों और पठन कक्ष पर खुद ही पेंट और ब्रश का इस्तेमाल कर फलों के चित्र, सुविचार, कविताएं और स्लोगन लिखे हैं। इनके अलावा वो पढ़ाने के दौरान टीएलएम, आईसीटी, पपेट आर्ट, क्राफ्ट का भी इस्तेमाल कर रही हैं।
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शिक्षक दिवस 2020(फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला।
अभिभावकों से संवाद के लिए निकाला अनूठा तरीका
श्वेता ने बताया कि अभिभावकों और ग्रामीणों से संवाद के बिना बच्चों को विद्यालय में रोकने की बात बेहद मुश्किल थी। वे चौपाल, नुक्कड़ नाटक, प्रेरक कहानी सुनाकर लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करती थीं। इसी के परिणामस्वरूप उन्हें अभिभावकों के साथ ग्रामीणों का समर्थन मिलना शुरू हुआ।
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शिक्षक दिवस 2020 (फाइल फोटो)
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स्टार फॉर्मूला को बनाया हिट
बच्चों को प्रोत्साहित करने के लिए श्वेता ने शादी के पुराने कार्ड से स्वच्छ रहने वाले बच्चों को मैं हूं स्वच्छ स्टार, नियमित आने वालों को महीने के आखिरी में नियमित स्टार, पहाड़ा स्टार, कहानी स्टार, सामान्य ज्ञान स्टार, समूह कार्य में उत्कृष्ट कार्य करने वाले बच्चों को तरह-तरह के स्टार से नवाजा करती थीं। बच्चों के लिए ये प्रोत्साहन उन्हें शिक्षा से जोड़ने में बेहद कारगार रहा।