आत्मविश्वास और उत्साह से लबरेज विद्यार्थी अपने भविष्य के सपनों को पूरा करने के लिए रविवार को अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति परीक्षा देने पहुंचे। अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से जिले के दो संस्थानों में बने तीन केंद्रों पर आयोजित इस परीक्षा में बढ़चढ़ कर विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया। परीक्षा समाप्त होने के बाद विद्यार्थियों ने अपने मोबाइल फोन में सेल्फी लेकर इस पल को संजोने की भी कोशिश की।
Gorakhpur: अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति परीक्षा से भविष्य के सपनों को पूरा करेंगे विद्यार्थी, दिखा गजब का उत्साह
सड़क से लेकर परीक्षा केंद्र तक उमड़े विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों में गजब का अनुशासन दिखा। जिले में परीक्षार्थियों की संख्या अधिक होने के कारण यह परीक्षा तीन केंद्रों पर कराई गई। महाराणा प्रताप पीजी कॉलेज, जंगल घूषण में कक्षा 11 व 12वीं के विद्यार्थियों की परीक्षा हुई । यहां नामांकित 1322 में 664 विद्यार्थी परीक्षा में शामिल हुए। जबकि महाराणा प्रताप कृषक इंटर कॉलेज में नामांकित 904 अभ्यर्थियों में से 539 ने परीक्षा दी। वहीं, राजकीय स्पर्श दृष्टिबाधित बालक इंटर कॉलेज लालडिग्गी में 12 नामांकित विद्यार्थियों में सभी परीक्षा में शामिल हुए।
इनकी रही विशेष भूमिका
डॉ. सुबोध कुमार मिश्र, डॉ. विजय कुमार सिंह, डॉ. अरुण कुमार राव, डॉ. मंजेश्वर, डॉ. अभिषेक सिंह, विनय कुमार सिंह, नंदन शर्मा, एनएम शुक्ल, डॉ. अखिलेश, अपूर्वा, डॉ. शिव कुमार, अरविंद कुमार, शारदा रानी व प्रिया सिंह।
हौसले की ‘दृष्टि’ से रोशन होंगे सपने
‘अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति परीक्षा’ का आयोजन रविवार को राजकीय स्पर्श दृष्टिबाधित इंटर कॉलेज में भी किया गया। जहां, 12 दृष्टिबाधित प्रतिभागियों ने परीक्षा में शामिल होकर अपने सपनों को उड़ान दी। परीक्षा देकर निकले परीक्षार्थियों ने कहा कि इस सराहनीय पहल से आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को पढ़-लिखकर भविष्य संवारने में मदद मिलेगी।
पहली पाली में सुबह 11 बजे से आयोजित परीक्षा में शामिल होने के लिए परीक्षार्थी सुबह 10 बजे से ही केंद्र पर पहुंचने लगे थे। स्पर्श बालक इंटर कॉलेज के निलेश, रितेश और आलोक ने कहा कि परीक्षा देकर आत्मविश्वास जगा है। अब अन्य लोगों की तरह प्रतियोगी परीक्षाओं में बैठ सकेंगे। हरिकेश यादव, उमेश चौरसिया और दीपू ने कहा कि पेपर अच्छा हुआ है। सफल होने की उम्मीद है।
परीक्षा से जो कुछ भी सीखा है वो आगे चलकर काम आएगा। प्रधानाचार्य लक्ष्मी शंकर जायसवाल ने कहा कि छात्रवृत्ति के माध्यम से बच्चों के आगे की पढ़ाई की राह आसान हो जाती है। सभी प्रतिभागियों को सफल होने की शुभकामनाएं देता हूं। प्रतियोगिता के सफल आयोजन में शिक्षक शारदा प्रसाद प्रजापति, विनोद कुमार, चंद्रप्रकाश के साथ वार्डेन राजकुमार यादव और रमेश कुमार पांडेय ने अहम भूमिका निभाई।
बोले परीक्षार्थी
छात्रवृत्ति मिली तो आगे की पढ़ाई की राह आसान हो जाएगी। परीक्षा की तैयारी में काफी मेहनत की थी। अब परिणाम आने के बाद पता चलेगा कि मेहनत कैसी रही। - खुशबू यादव
परीक्षा का अनुभव काफी अच्छा रहा। प्रश्नपत्र उलझाने वाला था, लेकिन समय मिला होता और तैयारी पूरी होती तो बेहद शानदार परीक्षा होती। फिर भी ठीक पेपर हुआ। - विकास कुमार
पेपर आसान ही था। गणित के साथ रीजनिंग के प्रश्न कठिन थे। हालांकि, समय के साथ उन्हें सुलझाने में दिक्कत नहीं हुई। लेकिन, रीजनिंग के जवाब देने में वक्त अधिक लगा। - श्रेया कुमारी
परीक्षा देकर अच्छा महसूस किया। ऐसे मौके बार-बार मिलने से आगे की तैयारी के लिए काफी फायदेमंद होगा। बड़ी परीक्षा में बैठने के लिए आत्मविश्वास बढ़ जाएगा।- मोहम्मद फैजान
परीक्षा में अच्छे अंक आए तो बेहद खुशी होगी। अपनी तरफ से पूरी तैयारी कर परीक्षा देने गया था। छात्रवृत्ति अगर मिल गई तो इससे आगे की पढ़ाई बेहतर तरीके से करने में मदद मिलेगी। - सचिन कुमार
गणित और रीजनिंग के सवाल थोड़ा उलझा रहे थे। तैयारी ठीक थी तो बहुत दिक्कत नहीं हुई। अब परिणाम आने के बाद अगर छात्रवृत्ति मिली तो हौसला बढ़ेगा।- अनन्य मद्धेशिया
छात्रवृत्ति परीक्षा से आगे की परीक्षाओं में कैसे भाग लेना है? तैयारियां कैसे करनी चाहिए? इसके अलावा अन्य बातों की जानकारी हो सकी। छात्रवृत्ति मिली तो आगे की पढ़ाई में मदद मिलेगी।- मानसी दूबे
किसी प्रतियोगी परीक्षा के तौर पर इस छात्रवृत्ति परीक्षा को लिया है। पेपर बढ़िया हुआ है। गणित का पेपर ठीक था। छात्रवृत्ति परीक्षा से प्रतियोगी परीक्षाओं की जानकारी हो सकी।- विकास सिंह