कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच गुरुवार को प्रशासन ने रात्रि कर्फ्यू का ऐलान किया तो लोगों को समझ में आने लगा कि संक्रमण अब बस्ती में भी खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। शुक्रवार को सुबह छह बजे कर्फ्यू का समय खत्म होने के बाद भी बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। सड़कों पर आवाजाही रोज की अपेक्षा बेहद कम रही। दुकानों पर भीड़ रोज की आधी ही रही।
कोरोना का खौफ: पहले नाइट कर्फ्यू में सड़कों पर छाया रहा सन्नाटा, घरों से नहीं निकले लोग
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पिछले दो दिन से कोरोना मरीजों का आंकड़ा सौ को पार कर रहा है। अब तो यह भी पता नहीं चल पा रहा है कि संक्रमित व्यक्ति को संक्रमण हुआ तो कैसे। वजह भी साफ है कि शासन-प्रशासन की तमाम हिदायतों के बाद भी अधिकांश लोग कोविड गाइडलाइन का पालन नहीं कर रहे हैं।
शारीरिक दूरी की बात तो दूर मास्क लगाकर घर से निकलने वालों की भी संख्या काफी सीमित है। अधिकांश जो मास्क लगा भी रहे हैं, उनमें से कई के मास्क मुंह व नाक को ढंकने के बाद गले में लटक रहे हैं। जिलाधिकारी सौम्या अग्रवाल ने बताया कि पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों को कोविड प्रोटोकॉल का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
साल भर पहले की तैरने लगी तस्वीर
गुरुवार को सड़क पर पसरा सन्नाटा देखकर एक साल पहले लॉकडाउन की तस्वीर आंखों के सामने तैर गई। मध्य अप्रैल तक शह में कोरोनो के करीब आधा दर्जन मामले सामने आ चुके थे और एक की मौत भी हो चुकी थी।