उत्तर प्रदेश के संतकबीरनगर जिले में तैनात एक महिला दरोगा ने कई ऐसे काम किए, जिसकी वजह से उसकी कर्तव्यनिष्ठा को लोगों ने सराहा हैं। इन्होंने कई ऐसे लोगों की जान बचाई है जो जिंदगी और अपनों से नाराज होकर आत्महत्या की राह चुन लेते हैं। आगे की स्लाइड्स में जानिए इनकी पूरी कहानी...
इस महिला दरोगा के कामों को जानकर आप भी करेंगे सलाम, बचा चुकी हैं कई लोगों की जान
देवरिया जनपद के गौरी बाजार की रहने वाली प्रतिभा सिंह 1998 में कांस्टेबल पद पर भर्ती हुई थी। वर्ष 2008 में हेड कांस्टेबल और वर्ष 2017 में सब इंस्पेक्टर बनी थी। वर्तमान में उनकी तैनाती शहर के गोला बाजार चौकी प्रभारी के पद पर है। उनके दो बच्चे हैं। पुलिस विभाग में अपनी अलग कार्यशैली से उन्होंने अलग पहचान बनाई है।
कुछ महीने पहले महुली क्षेत्र के हरिहरपुर की रहने वाली एक युवती परिजनों से नाराज होकर ट्रेन से कट कर जान देने खलीलाबाद रेलवे स्टेशन पहुंची थी। जिसकी जान इन्होंने ने बचाई थी। कोतवाली क्षेत्र की रहने वाली एक इंटरमीडिएट यूपी बोर्ड छात्रा परीक्षा में शामिल होने केंद्र पर पहुंची थी। परीक्षा कक्ष में भी गई और फिर अचानक बाहर निकल गई। जब देर शाम तक छात्रा घर नहीं पहुंची तो परिजनों ने स्कूल से संपर्क किया। उसके बाद छात्रा की तलाश शुरू की। जैसे ही सूचना गोला बाजार की चौकी प्रभारी प्रतिभा सिंह को हुई तो वह खोजबीन शुरू की। उन्होंने शहर से ही छात्रा को ढूंढ निकाला था। पूछताछ में पता चला कि छात्रा घर से नाराज थी और जान देने के लिए निकली थी।
गोरखपुर जिले के सहजनवां क्षेत्र के लुचुई की रहने वाली एक महिला नाराज होकर घर से निकल गई थी। शहर में चौकी इंचार्ज को वह महिला मिली थी। पूछताछ के बाद उसने पूरा घटनाक्रम बताया तो उन्होंने उसे खाना खिलाया और अपने निजी पैसे से वाहन की व्यवस्था करके उसके मायके पहुंचाया।
वहीं प्रतिभा सिंह की तैनाती आशा ज्योति केंद्र पर थी, तो उस वक्त बस्ती जिले के मुंडेरवा क्षेत्र की एक महिला किसी के झांसे में आकर मां और भाभी का जेवर लेकर घर से निकल गई थी। महिला पर इनकी की नजर पड़ी थी तो उससे पूछताछ की और फिर उसे परिजनों को सौंपा था।
इसी तरह बिहार से भटक कर आई एक मानसिक रूप से कमजोर महिला को उसके परिजनों से मिलाया था। प्रतिभा सिंह का कहना है कि पुलिस विभाग में आने का मकसद ही गरीबों और कमजोर लोगों की सेवा करना है। उन्हें पति और परिवार के सदस्यों का पूरा सहयोग मिलता है। इसी वजह से वह अपने दायित्व का निर्वहन ठीक प्रकार से कर पाती हैं।