फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

इस चावल की खीर खाकर भगवान बुद्ध ने तोड़ा था अपना व्रत, इस वजह से भी होती है इसकी डिमांड

Mon, 15 Jun 2020 08:21 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, सिद्धार्थनगर।
अमर उजाला ब्यूरो, सिद्धार्थनगर। Published by: vivek shukla Updated Mon, 15 Jun 2020 08:21 AM IST
विज्ञापन
Special story Of Kalanamak rice with Bhagwan buddha
kalanamak rice - फोटो : अमर उजाला।

सिद्धार्थनगर जिले के बर्डपुर क्षेत्र में कालानमक धान का उत्पादन बुद्ध काल से ही होता रहा है, जो अब भी इसके उत्पादन का केंद्र माना जाता है। कहा जाता है कि महात्मा बुद्ध ने ज्ञान प्राप्ति के बाद कालानमक चावल की


खीर खाकर ही अपना उपवास तोड़ा था।

Special story Of Kalanamak rice with Bhagwan buddha
कालानमक चावल की खीर। (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : अमर उजाला।

कालानमक चावल के खुशबूदार और स्वास्थ्य वर्धक होने के कारण लोगों में इसकी बहुत मांग है। बर्डपुर क्षेत्र के किसान 30 वर्ष पूर्व तक बड़े पैमाने पर कालानमक धान की खेती करते थे, लेकिन लागत की सापेक्ष बचत नहीं
होने के कारण धीरे-धीरे किसान इसकी खेती कम कर दिए हैं।

Special story Of Kalanamak rice with Bhagwan buddha
कालानमक चावल - फोटो : सोशल मीडिया।
किसान हीरामनी बताते है कि पहले यहां के लोग अन्य फसलों की अपेक्षा कालानमक धान की खेती करते थे, हमारे यहां गेहूं आदि फसलें बहुत कम बुवाई की जाती थी। जबकि अब पानी आदि सुविधाओं की कमी और घाटा होने के कारण मात्र पांच प्रतिशत तक ही कालानमक धान की जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Special story Of Kalanamak rice with Bhagwan buddha
कालानमक चावल - फोटो : सोशल मीडिया।
चिकित्सकों के अनुसार शुगर के मरीज भी कालानमक चावल का सेवन कर सकते है, इस कारण प्रदेश समेत पूरे देश में काला नमक चावल की डिमांड है।
विज्ञापन
Special story Of Kalanamak rice with Bhagwan buddha
कालानमक चावल - फोटो : अमर उजाला।

जिला कृषि अधिकारी सीपी सिंह ने बताया कि कालानमक धान की खेती के लिए सरकार के तरफ से किसानों को प्रोत्साहित करने की योजना संचालित है।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed