भू-माफियाओं को खदेड़कर जिस जमीन पर योगी ने दिलाया था कब्जा, उसे ही कर दिया गया बेदखल
प्रशासन ने कब्जा तुड़वाया, ईंट-बालू भी कर लिया जब्त
जनता दर्शन के दौरान फरियाद सुनने के बाद मुख्यमंत्री ने सख्ती की तो एडीएम सिटी राकेश कुमार श्रीवास्तव, तहसीलदार सदर डॉ संजीव कुमार दीक्षित समेत कई प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में पुलिस बल खोआ मंडी गली पहुंच गई। एक घंटे में ही जेसीबी लगा कर पूरा निर्माण तोड़ दिया गया। मौके पर रखीं ईंटें, सीमेंट, बालू और गिट्टी जब्त कर सब नगर निगम की गाड़ियों में लोड कराकर निगम भिजवा दिया गया। आरोपी प्रभाकर द्विवेदी और उसके लोग मौके से फरार हो गए। इस कार्रवाई से राजेंद्र यादव एवं उनके परिवार ने सीएम के प्रति आभार व्यक्त किया है।
प्रशासन भी कठघरे में, 17 को दिलाया था प्रभाकर को कब्जा
इस पूरे मामले में प्रशासन भी कठघरे में है। मुख्यमंत्री की सख्ती के बाद प्रशासन ने बृहस्पतिवार को खोआ मंडी गली में स्थित पीड़ित राजेंद्र की 900 वर्गफीट की जमीन से अवैध कब्जे का ध्वस्तीकरण कराया। प्रशासन ने ही इस जमीन पर 17 जनवरी 2021 को प्रभाकर द्विवेदी को कब्जा दिलवाया था। किस आधार पर कब्जा दिलवाया गया, अब इसे लेकर सवाल उठ रहे हैं। प्रशासन का कोई भी आला अफसर फिलहाल इस मामले में कुछ भी बोलने को तैयार नहीं। एडीएम सिटी राकेश कुमार श्रीवास्तव से कई बार संपर्क करने की कोशिश की गई। मगर उनका फोन नहीं उठा। उनका पक्ष मिलने पर उसे भी प्रकाशित किया जाएगा।
- एसपी सिटी सोनम कुमार ने बताया कि इस घटना की कोई जानकारी नहीं है। जब का मामला है, तब खिचड़ी मेले की ड्यूटी चल रही थी।
- ज्वाइंट मजिस्ट्रेट गौरव सिंह सोगरवाल ने बताया कि 17 जनवरी की घटना है। मौके पर प्रशिक्षु आईएएस अनुराग जैन व प्रशिक्षु आईपीएस शशांक सिंह गए थे। एक पक्ष से कागज मांगा गया था। जब कागज नहीं दिखाया गया तो रास्ते का निर्माण हटाया गया था। यह मामला रास्ते के विवाद से संबंधित था। बैंक रोड के पास 26 फीट वाले रोड पर कब्जा है। अगर इस रास्ते के दायरे में किसी की संपत्ति आएगी तो एक साथ सबको हटाया जाएगा।