गोरखपुर शहर लोकसभा क्षेत्र से भाजपा सांसद रवि किशन ने मंगलवार को एक वर्ष के कार्यकाल की उपलब्धियां गिनाईं। बोले- दौलत और शोहरत छोड़कर गोरखपुर आया हूं। एक ही मकसद जनसेवा है। संसद में उपस्थिति के मामले में अव्वल रहा। स्थानीय मुद्दों को प्रमुखता से उठाया है। गोरखपुर को रिंग रोड मिले और रेलवे अस्पताल की सुविधाएं बेहतर हों, इस कोशिश में लगा हूं।
सांसद रवि किशन ने गोरखपुर में पूरा किया एक साल, कहा- 'दौलत-शोहरत छोड़कर आया हूं, मकसद बस एक है'
- संसद में उपस्थिति का रिकार्ड अच्छा, स्थानीय मुद्दों को प्रमुखता से उठाया
- एक वर्ष के कार्यकाल की उपलब्धियां गिनाईं, बोले गोरखपुर में बिछा फोरलेन सड़कों का जाल
फिल्म अभिनेता व सांसद रवि किशन ने मंगलवार को एक वर्ष का कार्यकाल पूरा होने पर अमर उजाला संवाददाता से विशेष बातचीत की। सांसद ने कहा कि देश, दुनिया में भारत का मान बढ़ाया है। 650 से ज्यादा फिल्में की और 30 वर्ष का करियर छोड़कर राजनीति में आ गया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बहुत कुछ सोचा होगा, फिर गोरखपुर से चुनाव मैदान में उतारा। गोरखपुर की जनता ने माथे पर बिठाया और खूब वोट दिया। नतीजा बचपन में गरीबी देखने वाला रवि किशन गोरखपुर से सांसद है।
एक बात और, यह सीट गोरक्षपीठाधीश्वर व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की है, जो बड़ी जिम्मेदारी का एहसास कराती है। प्रेरित करती है कि कहीं कुछ गलत न हो जाए। शहर लोकसभा क्षेत्र के सांसद यानी रवि किशन से जुड़े हर व्यक्ति को पता है कि ठेका, पट्टा या गलत कार्यों से दूर रहना है। किसी गलत व्यक्ति की सिफारिश तक नहीं करनी है। गलत काम हुआ तो सब मुख्यमंत्री को घेरेंगे।
हवा-हवाई नेता कहने वालों का भम्र टूटा
सांसद ने कहा कि राजनीति में एकदम नया हूं। गलती हो तो गोरखपुर की जनता क्षमा करे। सबको अलग-अलग और सबके फोन का जवाब भी नहीं दे सकता। हां, बचपन की गरीबी याद है। यह अपनी जिम्मेदारी का एहसास कराती है। चुनाव के समय जो लोग कहते थे हवा-हवाई नेता हैं। चुनाव जीतने के बाद नहीं दिखेंगे। उनका भ्रम टूट गया है। वह हैरान हैं कि पूर्वांचल का बेटा गोरखपुर में डटकर जनसेवा कर रहा है।
ऐसा मुख्यमंत्री जो विकास की खातिर मठ की दुकानें ढहा दे
गोरखपुर का विकास तेजी से हो रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खजाना खोल दिया है। शहर में फोरलेन सड़कों का जाल बिछ रहा है। हां, आपने ऐसा मुख्यमंत्री भी नहीं देखा होगा, जो कि विकास की खातिर अपना नुकसान करे लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ऐसा किया है।
मोहद्दीपुर-जंगलकौड़िया फोरलेन के कारण मुख्यमंत्री ने विश्व प्रसिद्ध गोरखनाथ मंदिर की दुकान, मुख्य द्वार और दीवार तक ढहवा दिए हैं। हर मोहल्ले को सड़कों से जोड़ जा रहा है। गांवों में संपर्क मार्ग बन रहे हैं।
राजनीति कमाई का जरिया नहीं, समाज सेवा है
कोरोना संकट से निपटने में केंद्र और यूपी सरकार ने जबरदस्त तत्परता दिखाई है। इसी का नतीजा है कि भारत अब भी कोरोना वायरस के भयानक नतीजों से बचा है। प्रधानमंत्री के आह्वान पर एक महीने का वेतन दान कर दिया था। साथ ही प्रधानमंत्री को चिट्ठी लिखकर पूरे पांच साल के कार्यकाल का वेतन दान करने का प्रस्ताव दिया है।
राजनीति को कमाई का जरिया बनाना बिल्कुल गलत है। यह समाज सेवा का बड़ा माध्यम है। कोरोना संकट के बीच गोरखपुर में 3 लाख किलोग्राम राशन बांटा गया है। प्रवासियों को घर तक पहुंचाने के लिए दिन-रात एक किया है।