{"_id":"5e9023e28ebc3e774a6bb39b","slug":"special-story-for-corona-warriors-police-officers-in-gorakhpur","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"लॉकडाउन में बदला इन अफसरों का अंदाज, इनके काम को जानकर आप भी कहेंगे-शाबाश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लॉकडाउन में बदला इन अफसरों का अंदाज, इनके काम को जानकर आप भी कहेंगे-शाबाश
Sat, 11 Apr 2020 09:00 AM IST
vivek shukla
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
Published by: vivek shukla
Updated Sat, 11 Apr 2020 09:00 AM IST
विज्ञापन
gorakhpur news
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लॉकडाउन में पुलिस अफसरों की दिनचर्या के साथ ही उनके काम करने का अंदाज भी बदल गया है। पहले जहां अपराध की घटनाओं की समीक्षा के साथ ऑफिस की दिनचर्या शुरू होती थी, वहीं अब अफसर मातहतों को अपराधों की रोकथाम के साथ ही लॉकडाउन के दौरान आम लोगों की मदद का निर्देश भी दे रहे हैं।
एडीजी जोन दावा शेरपा
- फोटो : अमर उजाला
सुबह सात बजे ऑफिस शुरू, बार-बार एक सवाल कितने लोगों तक मदद पहुंचाई ?
एडीजी जोन दावा शेरपा ने बृहस्पतिवार कार्यालय में बैठते ही सुबह सात बजे बस्ती, बहराइच में कोरोना से संबंधित पुलिस की व्यवस्थाओं का हाल जाना। कुछ ही देर बाद उनके टेबल पर जोन के ग्यारह जिलों के कोरोना से जुड़ा अपडेट आ गया। सब जानने के बाद कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित जिले बस्ती, बहराइच के एसपी को सीधे फोन कर आवश्यक निर्देश दिए।
दिनभर की घटनाओं पर सीधी नजर रखने वाले एडीजी दावा शेरपा लॉकडाउन का अनुपालन कराने के लिए मातहतों को निर्देश देते समय यह कहना नहीं भूलते कि सभी एसपी यह सुनिश्चित कर लें कि कोई भूखा ना सोने पाए। बारह बजे तक इस क्रम के बाद वह वायरलेस सेट पर आ जाते हैं और फिर वहीं से लगातार मानीटरिंग भी करते हैं। दिन भर बीच-बीच में एसपी से बातचीत कर यह भी पूछते रहते हैं कि कितने लोगों तक मदद पहुंचाई गई?
एडीजी जोन दावा शेरपा ने बृहस्पतिवार कार्यालय में बैठते ही सुबह सात बजे बस्ती, बहराइच में कोरोना से संबंधित पुलिस की व्यवस्थाओं का हाल जाना। कुछ ही देर बाद उनके टेबल पर जोन के ग्यारह जिलों के कोरोना से जुड़ा अपडेट आ गया। सब जानने के बाद कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित जिले बस्ती, बहराइच के एसपी को सीधे फोन कर आवश्यक निर्देश दिए।
दिनभर की घटनाओं पर सीधी नजर रखने वाले एडीजी दावा शेरपा लॉकडाउन का अनुपालन कराने के लिए मातहतों को निर्देश देते समय यह कहना नहीं भूलते कि सभी एसपी यह सुनिश्चित कर लें कि कोई भूखा ना सोने पाए। बारह बजे तक इस क्रम के बाद वह वायरलेस सेट पर आ जाते हैं और फिर वहीं से लगातार मानीटरिंग भी करते हैं। दिन भर बीच-बीच में एसपी से बातचीत कर यह भी पूछते रहते हैं कि कितने लोगों तक मदद पहुंचाई गई?
डीआईजी राजेश डी मोदक।
- फोटो : अमर उजाला
हाइवे पर लंच बांट रहे डीआईजी
डीआईजी राजेश डी मोदक ने बृहस्पतिवार सुबह, फोन पर आए संदेश से कोरोना से संबंधित व्यवस्थाओं का अपडेट लिया। बृहस्पतिवार को महराजगंज, देवरिया और कुशीनगर के एसपी से फोन पर बातचीत और निर्देश दिए। लॉकडाउन का सख्ती से पालन कराने को कहा। फिर कुछ लंच पैकेट तैयार कराकर अपनी गाड़ी में रख लिए। कमिश्नर के साथ कम से कम दो तहसीलों का निरीक्षण किया।
रास्ते में लोगों से लॉकडाउन का पालन करने की अपील करते रहे। हाइवे पर जाते समय उनकी कोशिश यही होती है कि हर जरूरतमंद तक लंच पैकेट पहुंच जाए। फिर पिपराइच के एक क्वारंटीन सेंटर पहुंचे, वहां निरीक्षण कर निर्देश देने के साथ ही लंच पैकेटों का वितरण किया। मातहतों को भी ऐसा करने की हिदायत देते हुए निकल आगे के लिए निकल गए। रेंज के सभी जिलों के एसपी से देर रात तक अपडेट लेने के बाद ही बिस्तर का रुख करते हैं।
डीआईजी राजेश डी मोदक ने बृहस्पतिवार सुबह, फोन पर आए संदेश से कोरोना से संबंधित व्यवस्थाओं का अपडेट लिया। बृहस्पतिवार को महराजगंज, देवरिया और कुशीनगर के एसपी से फोन पर बातचीत और निर्देश दिए। लॉकडाउन का सख्ती से पालन कराने को कहा। फिर कुछ लंच पैकेट तैयार कराकर अपनी गाड़ी में रख लिए। कमिश्नर के साथ कम से कम दो तहसीलों का निरीक्षण किया।
रास्ते में लोगों से लॉकडाउन का पालन करने की अपील करते रहे। हाइवे पर जाते समय उनकी कोशिश यही होती है कि हर जरूरतमंद तक लंच पैकेट पहुंच जाए। फिर पिपराइच के एक क्वारंटीन सेंटर पहुंचे, वहां निरीक्षण कर निर्देश देने के साथ ही लंच पैकेटों का वितरण किया। मातहतों को भी ऐसा करने की हिदायत देते हुए निकल आगे के लिए निकल गए। रेंज के सभी जिलों के एसपी से देर रात तक अपडेट लेने के बाद ही बिस्तर का रुख करते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
gorakhpur ssp
- फोटो : अमर उजाला
खेत में काम कर रहे मजदूरों को दिए मॉस्क
इन दिनों डॉ. सुनील कुमार गुप्ता मातहतों को जरूरतमंदों की मदद की सीख देने के साथ, खुद भी इस काम में लग जाते हैं। बृहस्पतिवार को खजनी, उरूवा बाजार, गोला, बड़हलगंज, गगहा क्षेत्र का भ्रमण कर सबको कोरोना के प्रति जागरूक किया। उरूवा में खेत में काम कर रहे मजदूरों को खुद ही मॉस्क और बिस्किट के पैकेट दिए।
साथ में यह भी बताया कि दूरी बनाकर ही काम करें। दोपहर में गोला के एसएवी इंटर कॉलेज पहुंचे वहां पर क्वारंटीन लोगों से बातचीत कर किट उपलब्ध कराया। गोला में अस्थायी रैन बसेरे में रुके लोगों से मिलने वाली सुविधाओं को जाना और उन्हें भी खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराया।
इन दिनों डॉ. सुनील कुमार गुप्ता मातहतों को जरूरतमंदों की मदद की सीख देने के साथ, खुद भी इस काम में लग जाते हैं। बृहस्पतिवार को खजनी, उरूवा बाजार, गोला, बड़हलगंज, गगहा क्षेत्र का भ्रमण कर सबको कोरोना के प्रति जागरूक किया। उरूवा में खेत में काम कर रहे मजदूरों को खुद ही मॉस्क और बिस्किट के पैकेट दिए।
साथ में यह भी बताया कि दूरी बनाकर ही काम करें। दोपहर में गोला के एसएवी इंटर कॉलेज पहुंचे वहां पर क्वारंटीन लोगों से बातचीत कर किट उपलब्ध कराया। गोला में अस्थायी रैन बसेरे में रुके लोगों से मिलने वाली सुविधाओं को जाना और उन्हें भी खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराया।
विज्ञापन
एसपी सिटी डॉ. कौस्तुभ।
- फोटो : अमर उजाला
दिन भर घूम-घूमकर दुकानों पर नजर, ताकि महंगे दामों पर ना बिकने पाए सामान
एसपी सिटी डॉ. कौस्तुभ की शुरुआत सुबह मंडी के निरीक्षण से होती है। वहां पर भीड़ में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन हो, इसके लिए मातहतों को निर्देश देने के साथ ही बृहस्पतिवार सुबह पांच बजे खुद ही वहां पर पहुंच गए। इसके बाद उस दिन के सामान की रेट लिस्ट ग्रुपों पर डाली, ताकि लोगों को खरीदारी के दौरान रेट की सही जानकारी मिल सके।
उनकी कोशिश रहती है कि दुकानों पर तय दाम में ही सामग्री बेची जाए। इसके लिए वह पुलिसकर्मियों को तो दौड़ाते ही हैं, खुद भी एक जगह टिक कर नहीं बैठते। बक्शीपुर चौराहे पर दोपहर तीन बजे के करीब पुलिस वालों को समझाया कि आप लोगों से कैसे पेश आए। दुकानों पर सादी वर्दी में पुलिसवालों को भेजकर क्रॉस चेक भी कराते हैं।
एसपी सिटी डॉ. कौस्तुभ की शुरुआत सुबह मंडी के निरीक्षण से होती है। वहां पर भीड़ में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन हो, इसके लिए मातहतों को निर्देश देने के साथ ही बृहस्पतिवार सुबह पांच बजे खुद ही वहां पर पहुंच गए। इसके बाद उस दिन के सामान की रेट लिस्ट ग्रुपों पर डाली, ताकि लोगों को खरीदारी के दौरान रेट की सही जानकारी मिल सके।
उनकी कोशिश रहती है कि दुकानों पर तय दाम में ही सामग्री बेची जाए। इसके लिए वह पुलिसकर्मियों को तो दौड़ाते ही हैं, खुद भी एक जगह टिक कर नहीं बैठते। बक्शीपुर चौराहे पर दोपहर तीन बजे के करीब पुलिस वालों को समझाया कि आप लोगों से कैसे पेश आए। दुकानों पर सादी वर्दी में पुलिसवालों को भेजकर क्रॉस चेक भी कराते हैं।