इस साल दिसंबर माह में अभी तक कड़ाके की ठंड नहीं पड़ने से लोग हैरान हैं। लोग इसे जलवायु परिवर्तन से जोड़ रहे हैं। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि दीपावली के बाद से ही वायुमंडल में काफी मात्रा में प्रदूषण हो गया है। इसका असर ठंड पर पड़ा है। इसके अलावा कुछ दिनों से पछुआ हवा भी धीमी गति से चल रही है। इस कारण बर्फीली हवाएं नहीं आ पा रही हैं, जिससे कड़ाके की ठंड नहीं पड़ रही है।
बता दें कि पिछले साल दिसंबर माह में इस समय तक कड़ाके की ठंड पड़ने लगी थी। ठंड की वजह से जिले के स्कूलों को दिसंबर के अंतिम सप्ताह में बंद करना पड़ा था, लेकिन इस साल स्थिति ऐसी नहीं है। बीच में दो-तीन दिन कड़ाके की ठंड पड़ी उसके बाद मौसम गर्म होता चला गया।
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गोरखपुर में प्रदूषण।
- फोटो : अमर उजाला।
अब स्थिति यह है कि कई लोग दिन में हाफ स्वेटर पहने देखे जा सकते हैं। वहीं, सोमवार को पूरे दिन धूप और बादलों की लुकाछिपी चलती रही। अधिकतम तापमान 22 डिग्री के आसपास रहा, जबकि न्यूनतम तापमान 11.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जोकि सामान्य से ढाई डिग्री अधिक है।
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गोरखपुर में ठंड के मौसम में आग के पास बैठे लोग।
- फोटो : अमर उजाला।
मौसम विशेषज्ञ कैलाश पांडेय ने बताया कि इस साल दिसंबर में अब तक पिछले वर्ष की तुलना में कम ठंड पड़ रही है। इसकी मुख्य वजह गोरखपुर में प्रदूषण का स्तर ज्यादा होना है।
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गोरखपुर में ठंड के मौसम में कुछ इस तरह दिखे लोग।
- फोटो : अमर उजाला।
ऊपरी वायुमंडल में प्रदूषण स्तर ज्यादा होने से आकाश साफ नहीं हो पा रहा है और ठंड अपेक्षाकृत कम पड़ रही है। इसके अलावा कुछ दिनों से पछुवा हवा की रफ्तार भी कम है।
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गोरखपुर शहर।
- फोटो : अमर उजाला।
इस कारण बर्फीली हवाएं गोरखपुर तक नहीं पहुंच पा रही हैं। इसका असर भी ठंड पर पड़ रहा है। हालांकि पश्चिमी विक्षोभ की वजह से 28 से 30 दिसंबर तक मौसम के मिजाज में परिवर्तन होगा और हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। इसके बाद तापमान में गिरावट आएगी और ठंड बढ़ेगी।