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कोरोना से जंग: गोरखपुर में कोरोना की दूसरी लहर में नहीं हुई प्लाज्मा थेरेपी, जानिए क्या है वजह

Thu, 13 May 2021 12:17 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Thu, 13 May 2021 12:17 PM IST
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Plasma therapy not done in second wave of corona in Gorakhpur
प्रतीकात्मक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला
कोरोना की दूसरी लहर में गंभीर मरीजों कों संक्रमण से मुक्ति दिलाने के लिए गोरखपुर शहर में कोरोना थेरेपी का इस्तेमाल नहीं हुआ है। ऐसा नहीं है इस थेरेपी के लिए प्लाज्मा दान करने वाले नहीं है, प्लाज्मा की जरूरत वाले मरीज भी हैं लेकिन बीआरडी मेडिकल कॉलेज और अन्य बड़े अस्पतालों में प्लाज्मा दान की प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी है। कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज में प्लाल्मा थेरेपी कारगर साबित हो रही है। कोरोना संक्रमितों को ऐसे व्यक्ति का प्लाज्मा दिया जाता है जो पहले कोरोना पॉजिटिव होकर स्वस्थ हो चुके हैं। यह भी जरूरी है कि जिस प्लाज्मा दानकर्ता और ग्राह्यकर्ता (रिसीवर) दोनों का ब्लडग्रुप एक ही हो। इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर पर प्लाज्मा दान कर्ताओं के लिए बनाई गई हेल्पडेस्क के आंकड़ों के अनुसार दूसरी लहर में करीब दस लोगों ने प्लाज्मा दान की इच्छा जताई है।
Plasma therapy not done in second wave of corona in Gorakhpur
प्रतीकात्मक तस्वीर। - फोटो : पीटीआई
लगभग इतने ही मरीजों के तीमारदारों ने प्लाज्मा की आवश्यकता के लिए संपर्क किया। बावजूद इसके प्लाज्मा दान की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। 
Plasma therapy not done in second wave of corona in Gorakhpur
BRD medical college - फोटो : अमर उजाला
जिले में प्लाज्मा दान का काम बीआरडी मेडिकल कॉलेज के रक्तबैंक में होता है जबकि प्लाज्मा चढ़ाए जाने की सुविधा फातिमा अस्पताल और बीआरडी सहित अन्य कोविड अस्पतालों में उपलब्ध है। 
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Plasma therapy not done in second wave of corona in Gorakhpur
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : PTI
आईसीसीसी सूत्रों के अनुसार प्लाज्मा दान करने के लिए जांच किट की कीमत करीब आठ हजार रुपये आती है। किट महंगी होने के कारण प्लाज्मा दान की प्रक्रिया में रुचि नहीं ली जा रही है। 
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Plasma therapy not done in second wave of corona in Gorakhpur
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला।
आईसीसीसी प्रभारी सुनीता पटेल ने बताया कि अभी तक एक भी प्लाज्मा दान और चढ़ाने की प्रक्रिया नहीं हो सकी है। बताया कि बीआरडी मेडिकल कॉलेज के ब्लडबैंक प्रभारी ने एक सप्ताह के भीतर प्लाज्मा दान की प्रक्रिया शुरू किए जाने की बात कही है।
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