औषधि महानियंत्रक (डीजीसीआई) ने शहर के राणा हॉस्पिटल सहित देश के 18 संस्थानों को इंट्रा नेजल कोरोना वैक्सीन के तीसरे चरण के ट्रायल की अनुमति दी है। वैक्सीन का ट्रायल 180 लोगों पर किया जाएगा। इनमें ऐसे लोग शामिल होंगे, जिनकी उम्र 18 वर्ष से अधिक हो और उन्हें अब तक एक भी कोरोनारोधीवैक्सीन न लगी हो।
गोरखपुर: राणा हॉस्पिटल में होगा नेजल वैक्सीन के तीसरे चरण का ट्रायल, देश के 18 संस्थानों को मिली है अनुमति
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जानकारी के मुताबिक, चरगांवा स्थित राणा हॉस्पिटल ने इंट्रा नेजल वैक्सीन के दूसरे चरण का ट्रायल पिछले साल 40 लोगों पर किया था। इस वैक्सीन की दूसरी डोज 28 दिन पर दी जानी है। वैक्सीन लगवा चुके लोगों की 28, 42, 90 और 180 दिन पर खून का नमूना लेकर एंटीबाडी जांच की जाएगी। इसके बाद रिपोर्ट डीसीजीआई को भेजी जाएगी। वैक्सीन को इंडियन काउंसिल आफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) की देखरेख में हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक ने वाशिंगटन यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मेडिसिन के साथ मिलकर तैयार किया है।
वालंटियरों की होगी हर सप्ताह जांच
राणा हॉस्पिटल की निदेशक डॉ. सोना घोष ने बताया कि जिन वालंटियरों पर वैक्सीन का ट्रायल होगा। उनके स्वास्थ्य की हर सप्ताह जांच की जाएगी। उन्हें एक पत्र दिया जाएगा, जिस पर प्रतिदिन वे अपने स्वास्थ्य के बारे में लिखेंगे। इससे पता लगाया जा सकेगा की वैक्सीन लगने के बाद उनके शरीर में कोई परिवर्तन तो नहीं हुआ है।
वालंटियरों का ढूंढना बड़ी चुनौती
जिले में वालंटियरों की तलाश एक बड़ी चुनौती हो सकती है। क्योंकि, 18 वर्ष से अधिक उम्र के ज्यादातर लोगों कोरोना वैक्सीन की पहली और दूसरी डोज लगाई जा चुकी है।