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सांसों की किल्लत: ऑक्सीजन गैस के लिए कई घंटे कतार में लगे रहने की मजबूरी, तपती धूप में झुलसने को मजबूर हैं लोग
Thu, 06 May 2021 01:24 PM IST
vivek shukla
डिजिटल न्यूज नेटवर्क, गोरखपुर।
डिजिटल न्यूज नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Thu, 06 May 2021 01:24 PM IST
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ऑक्सीजन
- फोटो : amar ujala
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उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में प्रशासन के दावों के विपरीत गीडा में ऑक्सीजन प्लांटों पर अब भी लोगों की लंबी कतारें लग रही हैं। ऑक्सीजन सिलिंडर की रिफिलिंग कराने के लिए लोग इस चिलचिलाती धूप में फैक्ट्री के सामने खड़े होने के लिए मजबूर हैं।
ऑक्सीजन सिलिंडर
- फोटो : अमर उजाला
रोजाना सैकड़ों की संख्या में जरूरतमंद गीडा स्थित ऑक्सीजन फैक्ट्रियों के बाहर कतार में खड़े दिख जाएंगे। बुधवार दोपहर में ऐसा ही नजारा दिखा। यह तब है, जबकि ऑक्सीजन सिलिंडर वितरण का सारा जिम्मा जिला प्रशासन अपनी देखरेख में करा रहा है। इसके बावजूद ऑक्सीजन प्लांट पर कतारें कम होने का नाम नहीं ले रही है। बुधवार को लोग खाली सिलिंडरों के साथ गीडा की तीनों ऑक्सीजन फैक्ट्रियों के बाहर घंटों अपनी बारी का इंतजार करते दिखे।
बाइक पर ऑक्सीजन सिलिंडर लेकर जाता युवक
- फोटो : अमर उजाला
सीएचसी स्वास्थ्य कर्मी को नहीं मिला सिलिंडर
बस्ती जनपद के भानपुर सीएचसी से स्वास्थ्यकर्मी सूर्यभान आरके ऑक्सीजन फैक्ट्री के बाहर कई घंटे चक्कर लगाने के बाद किसी तरह फैक्ट्री के अंदर दाखिल हुए। गैस सिलिंडर की मांग की तो मौजूद लोगों ने उन्हें इसे देने से इंकार कर दिया। कहा गया कि आपको सदर एसडीएम से अनुमति लेनी पड़ेगी। जबकि, स्वास्थ्य कर्मी काफी देर तक मौजूद लोगों से गिड़गिड़ाता रहा, लेकिन उसकी एक न सुनी गई। थक हार कर उसने अपने एसडीएम से गुहार लगाई।
बस्ती जनपद के भानपुर सीएचसी से स्वास्थ्यकर्मी सूर्यभान आरके ऑक्सीजन फैक्ट्री के बाहर कई घंटे चक्कर लगाने के बाद किसी तरह फैक्ट्री के अंदर दाखिल हुए। गैस सिलिंडर की मांग की तो मौजूद लोगों ने उन्हें इसे देने से इंकार कर दिया। कहा गया कि आपको सदर एसडीएम से अनुमति लेनी पड़ेगी। जबकि, स्वास्थ्य कर्मी काफी देर तक मौजूद लोगों से गिड़गिड़ाता रहा, लेकिन उसकी एक न सुनी गई। थक हार कर उसने अपने एसडीएम से गुहार लगाई।
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प्लांट के बाहर लाइन से जमीन पर पड़े ऑक्सीजन सिलिंडर
- फोटो : अमर उजाला
आरके ऑक्सीजन निदेशक अजय जायसवाल ने बताया कि प्लांट से ऑक्सीजन सिलिंडर वितरण की जिम्मेदारी जिला प्रशासन ने संभाल रखी है। इसके लिए यहां अधिकारी तैनात हैं। उन्हीं की निगरानी में अस्पतालों को सिलिंडर रिफिलिंग कर आपूर्ति की जाती है। इसके अलावा हमारी कोशिश रहती है कि होम आइसोलेशन वाले मरीजों की जरूरतों के अनुसार सिलिंडर रिफिल कर दिया जाए। संख्या काफी ज्यादा रहती है, लिहाजा थोड़ी देर होती है। फिर भी प्रयास होता है कि लोगों की जरूरतों को पूरा किया जा सके।
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ऑक्सीजन की कमी।
- फोटो : amar ujala
लखनऊ गया गोरखपुर का ऑक्सीजन टैंकर, बढ़ी परेशानी
आरके ऑक्सीजन की बड़ी क्षमता वाला टैंकर लखनऊ मंगा लिया गया है, जिसकी वजह से गोरखपुर ऑक्सीजन प्लांट में शाम चार बजे से सिलिंडर की रिफिलिंग प्रभावित हुई। अजय जायसवाल ने बताया कि गोरखपुर के डीएम ने खुद इस संबंध में लखनऊ के डीएम से बात की। इसके बाद उनका टैंकर रिलीज किया गया। रात 10 बजे तक टैंकर पहुंच गया। इसके साथ ही रिफिलंग के काम में तेजी आ गई। अब ऑक्सीजन गैस की कोई खास दिक्कत नहीं होगी।
आरके ऑक्सीजन की बड़ी क्षमता वाला टैंकर लखनऊ मंगा लिया गया है, जिसकी वजह से गोरखपुर ऑक्सीजन प्लांट में शाम चार बजे से सिलिंडर की रिफिलिंग प्रभावित हुई। अजय जायसवाल ने बताया कि गोरखपुर के डीएम ने खुद इस संबंध में लखनऊ के डीएम से बात की। इसके बाद उनका टैंकर रिलीज किया गया। रात 10 बजे तक टैंकर पहुंच गया। इसके साथ ही रिफिलंग के काम में तेजी आ गई। अब ऑक्सीजन गैस की कोई खास दिक्कत नहीं होगी।