गोरखपुर में डेंगू मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। जिले में मरीजों का आंकड़ा 200 के पार पहुंच गया है। शुक्रवार को तीन साल के मासूम समेत पांच डेंगू संक्रमित मिले हैं। इसके बाद से कुल मरीजों की संख्या 203 हो गई है। यह संख्या पिछले साल मिले मरीजों के मुकाबले तीन गुना से अधिक है। पिछले साल कुल मरीजों की संख्या 67 थी।
गोरखपुर में डेंगू का कहर: पिछले साल कुल 67 थे, इस साल अब तक मिल चुके हैं 203 मरीज
स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही की वजह से मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। स्थिति यह हो गई है कि शहर से लेकर गांव तक में डेंगू के मरीजों की संख्या एक हजार से अधिक है। लेकिन, विभाग इसे मानने को तैयार नहीं है।
जिला मलेरिया नियंत्रण अधिकारी अंगद सिंह ने बताया कि शुक्रवार को पादरी बाजार का 42 और जंगल रामलखना का 35 वर्षीय युवक डेंगू पीड़ित मिले हैं। मोतीराम अड्डा की तीन वर्षीय बच्ची और पिपराइच का 11 वर्षीय बालक में भी संक्रमण मिला है। रजही की 23 वर्षीय युवती भी डेंगू पीड़ित है। मौजूदा समय में जिला अस्पताल में नौ मरीजों का इलाज चल रहा है।
तीन घरों में मिले मच्छरों के लार्वा, नोटिस
मलेरिया विभाग की टीम ने तिवारीपुर, निजामपुर, मधोपुर और सूर्यकुंड में जाकर डेंगू मरीजों की जांच की। तीन घरों में जमा पानी में मच्छरों के लार्वा मिले हैं। इन्हें नोटिस जारी कर सख्त हिदायत दी गई है कि अगली बार जांच में लार्वा मिलने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग केवल एलाइजा जांच से पॉजिटिव आने वालों को ही डेंगू संक्रमित मान रहा है। यही वजह है कि विभाग के आंकड़े में केवल 203 मरीज हैं। जबकि, एनएस-वन किट से हुई जांच में प्रतिदिन 25 से 30 मरीज पॉजिटिव मिल रहे हैं। इस जांच के लिए मरीजों को 600 से 800 रुपये भी खर्च करने पड़ रहे हैं। इसके बाद भी विभाग इन्हें मरीज नहीं मान रहा है।