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संकट के सिपाही: अंत्येष्टि स्थल पर शवों का करते रहे दाह संस्कार, किसी कर्मचारी को नहीं छू सका कोरोना वायरस
Wed, 02 Jun 2021 12:37 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Wed, 02 Jun 2021 12:37 PM IST
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गोरखपुर के गोरक्षनाथ घाट पर कोरोना संक्रमितों का अंतिम संस्कार।
- फोटो : अमर उजाला।
कोविड-19 गोरखपुर के नगर निगम के उन कर्मचारियों को छू भी नहीं सका, जो लगातार कोरोना संक्रमित शवों के दाह संस्कार में लगे हैं। करीब दो महीने तक राप्ती तट स्थित अंत्येष्टि स्थल पर कोरोना संक्रमण से मरे व्यक्तियों के शवों के दाह संस्कार करने और कराने के बावजूद ये कर्मचारी संक्रमित नहीं हुए। इनमें नगर निगम के सफाई इंस्पेक्टर, सुपरवाइजर से लेकर सफाई कर्मचारी तक शामिल हैं।
गोरखपुर के गोरक्षनाथ घाट पर कोरोना संक्रमितों का अंतिम संस्कार।
- फोटो : अमर उजाला।
कुछ शवों को गैस आधारित दाह संस्कार के लिए बनाए गए संयंत्र तक पहुंचाते हैं। कुछ शवों को लकड़ी से होने वाले दाह संस्कार वाले प्लेटफॉर्म पर रखते हैं। लकड़ी सजाने से लेकर घाटों की सफाई तक का काम ये कर्मचारी करते हैं। इसके बावजूद कोई संक्रमित नहीं हुआ।
गोरखपुर के गोरक्षनाथ घाट पर कोरोना संक्रमितों का अंतिम संस्कार।
- फोटो : अमर उजाला।
यहां तैनात सुपरवाइजर मोईन खान ने बताया कि उनकी टीम में हैदर, मुस्तफा, विजय, घनश्याम, मेहताब, अरशद, किशन सिंह, सलमान, कृपाल, मोहसिन, कासिम, मोहन, पुनीत, मुन्नी, रंभा, शमीम समेत 34 कर्मचारी हैं। इसमें से 17 लोग सुबह छह बजे से दोपहर दो बजे तक और 15 लोग दोपहर दो बजे से रात 10 बजे तक ड्यूटी करते हैं।
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पीपीई कीट पहनकर दाह संस्कार करते लोग।
- फोटो : अमर उजाला।
बरती जाती है सावधानी
नगर निगम की ओर से कर्मचारियों को पीपीई किट सहित सुरक्षा संबंधी सभी उपकरण मुहैया कराए गए हैं। शवों आने पर पहले उसे सैनिटाइज किया जाता है। शव को उतारने के बाद वाहन को सैनिटाइज किया जाता है। दाह संस्कार के लिए बनाए गए प्लेटफॉर्म को भी हरेक शवों के दाह संस्कार के बाद सैनिटाइज किया जाता है।
नगर निगम की ओर से कर्मचारियों को पीपीई किट सहित सुरक्षा संबंधी सभी उपकरण मुहैया कराए गए हैं। शवों आने पर पहले उसे सैनिटाइज किया जाता है। शव को उतारने के बाद वाहन को सैनिटाइज किया जाता है। दाह संस्कार के लिए बनाए गए प्लेटफॉर्म को भी हरेक शवों के दाह संस्कार के बाद सैनिटाइज किया जाता है।
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नगर निगम सफाई इंस्पेक्टर महेश यादव।
- फोटो : अमर उजाला।
नगर निगम सफाई इंस्पेक्टर महेश यादव ने बताया कि शुक्र है कि अंत्येष्टि स्थल पर तैनात 34 कर्मचारियों में से कोई कोरोना संक्रमित नहीं हुआ। जबकि करीब दो महीने से ये कर्मचारी कोरोना संक्रमित शवों का दाह संस्कार कर रहे हैं। शुरुआत में तो इन कर्मचारियों से कोरोना संक्रमित शवों का दाह संस्कार कराना मुश्किल था। सभी के मन में काफी भय था। मैं खुद भी काफी भयाक्रांत था, लेकिन नगर आयुक्त अविनाश सिंह और उप नगर आयुक्त संजय शुक्ला ने काफी मनोबल बढ़ाया। इसके बाद टीम के सदस्यों का हौसला बढ़ाने में सफल रहा। अब चुनौती काफी कम हो गई है।